नयी दिल्ली , सितंबर 10 -- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नौंवीं आसियान-भारत कृषि एवं वानिकी मंत्रिस्तरीय बैठक के सिलसिले में मलेशिया, तिमोर-लेस्ते और म्यांमार के कृषि मंत्रियों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं।
यहां गुरूवार को आयोजित इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य कृषि अनुसंधान, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, व्यापार और संस्थागत सहयोग को मजबूत बनाना था। यह जानकारी यहां जारी एक आधिकारिक बयान में दी गयी है।
श्री चौहान और मलेशिया के कृषि एवं खाद्य सुरक्षा मंत्री मोहम्मद बिन साबू के बीच हुई बैठक में दोनों देशों ने कृषि अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और नवाचार में संयुक्त सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन के जरिए संस्थागत ढांचा तैयार करने में रुचि जताई। दोनों नेताओं ने जर्मप्लाज्म के आदान-प्रदान, व्यापार और बाजार पहुंच से जुड़े द्विपक्षीय मुद्दों को सुलझाने तथा पारस्परिक हित के क्षेत्रों में ज्ञान और विशेषज्ञता साझा करने पर जोर दिया।
तिमोर-लेस्ते के कृषि, पशुधन, मत्स्य पालन एवं वानिकी मंत्री मार्कोस दा क्रूज़ के साथ हुई बैठक में देश की खाद्य सुरक्षा और कृषि चुनौतियों से निपटने के लिए मजबूत संस्थागत तंत्र बनाने पर चर्चा हुई। श्री चौहान ने तिमोर-लेस्ते की कृषि अनुसंधान क्षमताओं को बढ़ाने के लिए अपने वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों का सहयोग देने की प्रतिबद्धता दोहराई। इसके तहत जल्द ही कृषि, वानिकी, पशुधन और मत्स्य पालन के क्षेत्रों में तकनीकी सिफारिशें देने के लिए विशेषज्ञों की एक टीम तिमोर-लेस्ते भेजी जाएगी।
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