विजयवाड़ा , मार्च 11 -- आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने राज्य में कृषि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए 'इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस' की तर्ज पर 'इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर' स्थापित करने का प्रस्ताव रखते हुए कहा है कि यह संस्थान एक डीम्ड यूनिवर्सिटी के रूप में कार्य करेगा, जो किसानों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित एग्रीटेक सेवाएं प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करेगा।

श्री नायडू बुधवार को यहां सचिवालय में आयोजित छठे जिलाधिकारी सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे किसानों के मुद्दों पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने बताया कि राज्य में जल संरक्षण के प्रयासों के कारण भूजल स्तर बढ़कर 8.10 मीटर तक पहुँच गया है, जिससे बिजली सब्सिडी में सरकार को 14,000 करोड़ रुपये की बचत होगी।

उन्होंने एक अप्रैल से 90 दिनों का एक विशेष कार्यक्रम चलाने का आदेश दिया, जिसके तहत राज्य के सभी जल निकायों में गाद निकालने का अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा, उन्होंने वेलीगोंडा परियोजना को जुलाई 2026 और पोलावरम परियोजना को 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

मुख्यमंत्री ने भूमि सुधारों पर चर्चा करते हुए कहा कि वर्ष 2027 तक आंध्र प्रदेश को पूरी तरह से भूमि विवाद मुक्त राज्य बनाया जाएगा। इसके लिए हर महीने की नौ तारीख को सभी जिलों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भूमि रिकॉर्ड को सुरक्षित बनाने के लिए ब्लॉकचेन तकनीक और क्यूआर कोड का उपयोग किया जाएगा, ताकि पट्टादार पासबुक से छेड़छाड़ न की जा सके।

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