, Oct. 29 -- श्री सिन्हा ने कहा कि कृषि शिक्षा को वर्तमान जरूरतों और बाजार की संभावनाओं के अनुरूप विकसित करना आवश्यक है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की छठी डीन समिति की अनुशंसाओं और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप स्नातक कृषि पाठ्यक्रमों में शामिल कौशल संवर्धन पाठ्यक्रमों को इस मॉडल के माध्यम से व्यावहारिक स्वरूप दिया जाएगा। इसके तहत विद्यार्थियों को कृषि आधारित उद्योगों, सफल नवोदित उद्यमों, उद्यमियों, ग्राम स्तरीय गतिविधियों और संबंधित प्रशासनिक संस्थानों से जोड़ा जाएगा, जिससे वह कृषि क्षेत्र में रोजगार, स्वरोजगार और व्यवसाय की संभावनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।

कृषि मंत्री ने बताया कि योजना के तहत स्नातक पाठ्यक्रम के प्रथम से चतुर्थ सेमेस्टर तक प्रत्येक सेमेस्टर की मध्यावधि परीक्षा के ठीक बाद वाले सप्ताह को विशेष प्रशिक्षण सप्ताह के रूप में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के साथ औद्योगिक भ्रमण, सफल उद्यमियों से संवाद, ग्राम स्तरीय गतिविधियों में सहभागिता और संबंधित संस्थानों का भ्रमण कराया जाएगा।

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