पटना , जून 19 -- िहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) एवं सिजेंटा फाउंडेशन इंडिया कृषि उद्यमियों के नेतृत्व में कृषि व्यवसाय विकास को गति देने तथा एग्री-इनपुट आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से बिहार में एग्री एंटरप्रेन्योर्स के माध्यम से एग्रीबिजनेस विकास के लिये एग्री-इनपुट लिंकेज सुदृढ़ीकरण पर राज्य स्तरीय कार्यशाला विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।कार्यशाला में मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जीविका हिमांशु शर्मा तथा उद्यम निदेशक, जीविका विनय कुमार राय के साथ-साथ जीविका, सिजेंटा फाउंडेशन इंडिया तथा कृषि मूल्य संवर्द्धन क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न साझेदार संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त बिहार के विभिन्न जिलों में कृषि उद्यमी दीदियाँ भी उपस्थित रहीं।

अपने संबोधन में मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जीविका, हिमांशु शर्मा ने कहा कि कृषि उद्यमी ग्रामीण कृषि पारिस्थितिकी तंत्र की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। गुणवत्तापूर्ण कृषि संबंधित सुविधाओं की समय पर उपलब्धता एवं किसानों को तकनीकी परामर्श से बेहतर जुड़ाव किसानों की उत्पादकता और आय में वृद्धि के लिए आवश्यक है। उन्होंने कृषि उद्यमियों को किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीकों एवं सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जीविका निधि, मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना, बैंक लिंकेज तथा अन्य सरकारी योजनाओं से अभिसरण कर सहयोग प्रदान किया जायेगा।

उद्यम निदेशक, जीविका, विनय कुमार राय ने कृषि उद्यमियों के लिए मजबूत व्यावसायिक मॉडल विकसित करने तथा बाजारों के साथ प्रभावी साझेदारी स्थापित करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सुदृढ़ लिंकेज व्यवस्था कृषि उद्यमियों को आत्मनिर्भर एवं टिकाऊ उद्यम मॉडल स्थापित करने में सहायता प्रदान करेगी।

इस दौरान मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के द्वारा किसान उत्पादक कंपनियों को एग्री-इनपुट इंटीग्रेशन के लिये प्रमाण-पत्र भी भी दिया गया।

कार्यशाला के दौरान एग्री-इनपुट आपूर्ति तंत्र, गुणवत्ता नियंत्रण, व्यवसाय में विस्तार, डिजिटल सुविधाओं का विस्तृत पहुँच, किसानों तक सेवाओं की पहुंच तथा कृषि मूल्य संवर्द्धन में विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय को मजबूत करने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा कृषि उद्यमिता को और प्रभावी बनाने के लिये विचार साझा किये गये।

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