रायपुर , जून 25 -- छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने की राज्य सरकार की पहल का सकारात्मक असर दिखाई देने लगा है। सहकारिता विभाग और सहकारी समितियों के माध्यम से उन्नत बीज, रासायनिक उर्वरक, डीएपी तथा नैनो यूरिया की समय पर उपलब्धता से किसानों में विश्वास बढ़ा है और खेती का कार्य सुचारू रूप से संचालित हो रहा है।

गुरुवार को आधिकारिक जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने के प्रयासों के तहत गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गौरेला विकासखंड स्थित लालपुर ग्राम पंचायत के प्रगतिशील किसान विष्णु राठौर सहित अनेक किसानों को इसका लाभ मिल रहा है।

किसान विष्णु राठौर ने धान के साथ विभिन्न सब्जियों की खेती के बारे में बताया कि पहले खाद और बीज की समय पर उपलब्धता को लेकर परेशानी रहती थी, जिससे बुआई और फसल प्रबंधन प्रभावित होता था। अब सहकारी समिति के माध्यम से आवश्यकता के अनुरूप उन्नत बीज, रासायनिक खाद, डीएपी तथा नैनो यूरिया समय पर मिल रहे हैं, जिससे खेती की योजना बेहतर ढंग से संचालित हो रही है।

उन्होंने बताया कि नैनो यूरिया और संतुलित उर्वरकों के उपयोग से धान की फसल पैदावार बेहतर हुई है तथा उत्पादन में वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं सब्जी फसलों की गुणवत्ता और पैदावार बढ़ने से आय में भी लगातार वृद्धि हो रही है। समय पर कृषि आदानों की उपलब्धता से खेती की लागत नियंत्रित हुई है और कृषि कार्यों का प्रबंधन पहले की तुलना में अधिक आसान हुआ है।

किसान विष्णु राठौर ने कहा कि राज्य सरकार की किसान हितैषी योजनाओं तथा सहकारिता विभाग की प्रभावी वितरण व्यवस्था से किसानों को कृषि सामग्री के लिए भटकना नहीं पड़ रहा है और खेती का कार्य समय पर पूरा हो रहा है, जिससे किसानों का आत्मविश्वास और उत्साह दोनों बढ़े हैं।

सरकार का कहना है कि किसान-केंद्रित नीतियों, सहकारी समितियों की सक्रिय भूमिका और कृषि आदानों की समय पर उपलब्धता से प्रदेश में कृषि व्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है तथा आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा मिलने से खेती को अधिक उत्पादक और लाभकारी बनाने में मदद मिल रही है।

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