करौली , अप्रैल 08 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किसान को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा है कि उनके कल्याण के लिए राज्य सरकार ने ठोस कदम उठाये हैं।
श्री शर्मा बुधवार को करौली जिले में टोडाभीम के नांगल शेरपुर गांव में किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसानों के कल्याण एवं सशक्तीकरण के लिए उनकी सरकार कृत संकल्पित है और उनकी प्राथमिकता है कि किसानों को सिंचाई के लिए निर्बाध जल एवं बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। इसी दिशा में प्रदेश के 24 जिलों में किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है वहीं राम जल सेतु लिंक परियोजना का मार्ग प्रशस्त किया है जिससे 17 जिलों के किसानों को सिंचाई एवं पेयजल के लिए भरपूर पानी उपलब्ध हो सकेगा।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने दो महत्वपूर्ण मार्गों करीरी-गाजीपुर-भैरोजी से राजौर वाया मेरेडा-खेडी जैचडी-माचडी और पथवारी से घासीराम बाबा आश्रम कदम खुण्डी वाया मातासूला-पाडली खुर्द सड़क निर्माण करने की एवं नांगल शेरपुर तहसील बालघाट में राजकीय महाविद्यालय खोलने की घोषणा की।
उन्होंने लपावली गांव में एनीकेट निर्माण की मांग पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को व्यवहार्यता रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार किसान, मजदूर, युवा और महिला वर्ग के कल्याण के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों को सिंचाई के लिए भरपूर पानी उपलब्ध कराने के लिए रामजल सेतु लिंक परियोजना एवं यमुना जल समझौते का मार्ग प्रशस्त किया है। इसके साथ ही, आईएनजीपी, गंगनहर और सोम-कमला-अम्बा सहित अनेक परियोजनाओं के सुदृढ़ीकरण के कार्य भी किए जा रहे है। राज्य सरकार प्रदेश में कृषि के विकास का रोडमैप भी बना रही है। उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने, मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार खाद प्रयोग करने और भविष्य की पीढ़ियों के लिए भूमि की उर्वरता बनाए रखने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा नौकरी लेने वाला नहीं, बल्कि रोजगार प्रदाता बने, इसके लिए राज्य सरकार युवा नीति के माध्यम से ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध करवा रही है। वहीं, राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में हुए एमओयू के धरातल पर उतरने से लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर मिले है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय हुए पेपरलीक के आरोपी आज सलाखों के पीछे हैं। हमारी सरकार के समय एक भी पेपरलीक नहीं हुआ है।
श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार किसानों और पशुपालकों के सशक्तीकरण के लिए निरतंर कार्य कर रही है। पीएम किसान सम्मान निधि में राज्य सरकार ने तीन हजार रुपये अतिरिक्त जोड़कर इसे नौ हजार रुपये प्रतिवर्ष कर दिया है। गेहूं की एमएसपी खरीद पर अतिरिक्त बोनस दिया जा रहा है, वहीं 53 हजार करोड़ रुपये से अधिक का ब्याज मुक्त ऋण किसानों को उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके अलावा बिजली बिलों पर भी सब्सिडी और दो लाख से अधिक नए कृषि कनेक्शन जारी किए हैं।
उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 65 हजार 400 सोलर पंप लगाए गए हैं, जिन पर एक हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान दिया गया है। ड्रिप एवं फव्वारा संयंत्र लगवाने के लिए 957 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पशुपालकों को सशक्त बनाने की दिशा में भी कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत 17 लाख से अधिक पशुओं का निशुल्क बीमा किया जा चुका है और गांवों में पशुओं के घर पर ही इलाज के लिए 536 मोबाइल पशु चिकित्सा वाहन सेवा दे रहे हैं। वहीं राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से पशुपालक परिवारों को 709 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण दिया गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने गत सरकार की तुलना में अधिक काम किए हैं और सरकार ने करौली जिले के विकास के लिए 2200 करोड़ रुपये से अधिक की बजट घोषणाएं की है। 60 करोड़ रूपये की लागत से सलेमपुर से बालोती-डाबरा-शेखपुरा-गोठरा-बरवासन देवी-नरौली सड़क मय हाईलेवल ब्रिज का काम प्रारम्भ हो चुका है। 25 करोड़ रूपये की लागत से नादोती-श्रीमहावीरजी खेड़ा रोड, गम्भीर नदी पर उच्च स्तरीय पुल के निर्माण कार्य प्रारम्भ हो चुका है। उन्होंने कहा कि 22 करोड़ रुपये लागत से मोठियापुरा से जगर वाया हरिरामपुरा सड़क मार्ग के विकास सहित कई विकास कार्य किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में रामजल सेतु लिंक परियोजना से 17 जिलों में सिंचाई और पीने के लिए भरपूर पानी मिलेगा। राज्य सरकार ने नकली खाद बीज का काम करने वालों पर कठोर कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पीएम किसान सम्मान निधि दी, जिसे मुख्यमंत्री ने बढ़ाकर अब नौ हजार रुपये कर दिया है। वहीं, किसानों को फसल खराबे पर मुआवजा भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।
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