गोरखपुर , अप्रैल 21 -- नजर बदलने से नजारा कैसे बदलता है इसका जीवंत उदाहरण उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के राप्ती नदी का एकला बंधा है जो एकला बंधा कूड़े का पहाड़ बन गया था वह अब शहर के एक नए पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो गया है।

लिगेसी वेस्ट का निस्तारण कर एकला बंधा पर नगर निगम ने ईको पार्क बना दिया है। इसके सामने की सड़क को भी फोरलेन बना दिया गया है। इस ईको पार्क और इसके सामने से बाघागाड़ा तक जाने वाली फोरलेन सड़क को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 23 अप्रैल ;गुरुवार को लोकार्पित करेंगे। इस समग्र परियोजना पर 41.50 करोड़ रुपये की लागत आई है।

राप्ती नदी पर राजघाट पुल के समीप एकला बंधा पर कूड़े का विशाल ढेर पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती बन गया था। इस लिगेसी वेस्ट में मीथेन गैस उत्सजर्न के कारण कई बार स्वतः आग भी लग जाती थी। दुर्गंध और वायु प्रदूषण आसपास की आबादी के स्वास्थ्य के लिए खतरा बना हुआ था।

नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल बताते हैं कि दशकों से इकट्ठा कूड़े के निस्तारण के लिए सीएम योगी के मार्गदर्शन में नगर निगम ने एक कार्ययोजना बनाकर काम शुरू किया और सुखद परिणाम आज सामने है।

नगर आयुक्त के अनुसार बायो रेमेडिएशन के माध्यम से नगर निगम ने 2.26 लाख मीट्रिक टन लिगेसी वेस्ट का निस्तारण कराकर 40 एकड़ भूमि को मुक्त कराया। इतने बड़े क्षेत्रफल में जमीन कूड़ामुक्त हुई तो इसे सिटी फॉरेस्ट और ईको पार्क के रूप में विकसित किया गया। अब लोग यहां प्राकृतिक एवं स्वच्छ वातावरण में पिकनिक मनाने आ सकेंगे। यहां वाकिंग ट्रैक और फुटपाथ बनाए गए हैं जहां लोग मॉर्निंग और इवनिंग वाक कर सकेंगे। योग और ध्यान के लिए अलग स्थान हैं। बच्चों के लिए भी सुरक्षित किड्स जोन का विकास किया गया है। इसके अलावा नगर निगम ने ईको पार्क के सामने से होकर बाघागाड़ा तक जाने वाले 2.90 किमी लंबे मार्ग पर फोरलेन सड़क बनवा दिया है। इस फोरलेन सड़क के डिवाइडर पर ग्रीन बेल्ट भी विकसित किया गया है।

लिगेसी वेस्ट के निस्तारणए ईको पार्क के विकास और फोरलेन सड़क निर्माण पर नगर निगम ने कुल 41.50 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। विशाल कूड़े के ढेर को निस्तारित करने में 9 करोड़ रुपये जबकि ईको पार्क बनाने में 4.50 करोड़ रुपये की लागत आई। फोरलेन सड़क बनाने में 28 करोड़ रुपये व्यय हुए हैं।

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