भरतपुर , जून 03 -- राजस्थान में मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान से निकल कर राजस्थान के करौली एवं धौलपुर के वन क्षेत्रों में भटकने के बाद पिछले 26 मई से भरतपुर के बंध बारैठा वन्यजीव अभयारण्य में ठिकाना बनाने वाला चीता केपी-3 यहां के वातावरण में पूरी तरह सहज दिखाई दे रहा है।
वन विभाग के उच्च स्तरीय सूत्रों ने बुधवार को बताया कि जीपीएस प्रणाली वाले कॉलर आईडी लगे चीते ने यहां एक बछड़े का भी शिकार किया। विभाग के दल चीते की हर गतिविधि पर नजर रखने का प्रयास कर हैं। साथ ही चीता और आसपास के निवासियों की सुरक्षा पर नजर बनाये हुए हैं।
करीब 36 हजार हेक्टेयर में फैले इस संरक्षित क्षेत्र में अच्छा शिकार, भोजन, पानी और सुरक्षित आवास के कारण ही चीता फिलहाल यहां ठहरा हुआ है। करौली और बंध बारैठा के जंगल आपस में जुड़े होने से उसका दोनों क्षेत्रों में आना-जाना स्वाभाविक माना जा रहा है, लेकिन अब तक उसका मुख्य ठिकाना बंध बारैठा ही बना हुआ है। चीते को ऐसा कोई बड़ा प्रतिद्वंद्वी नहीं मिला है जो उसके लिए गंभीर खतरा बन सके। यही वजह है कि वह यहां लंबे समय तक ठहरने में खुद को सुरक्षित महसूस कर रहा है।
अभयारण्य में करीब 10 से 12 तेंदुए मौजूद हैं। माना जाता है कि तेंदुआ चीते की तुलना में ज्यादा ताकतवर और आक्रामक होता है। ऐसे में अगर दोनों का आमना- सामना होता है, तो चीते के लिये संकट पैदा हो सकता है।
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