श्योपुर , सितंबर 18 -- मध्यप्रदेश में चंबल संभाग के श्योपुर जिले में स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों का कुनबा बढ़ाने के लिए इस वर्ष संख्या 80 तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल कूनो में 49 चीते हैं। पार्क में 10 मादाओं से इस वर्ष नए शावकों के जन्म की उम्मीद है।

पार्क सूत्रों के अनुसार इनमें बोत्सवाना से लाई गई छह मादाएं शामिल हैं। भारत में जन्मी दो मादाएं भी अब अगली पीढ़ी तैयार करने की स्थिति में हैं। शावकों से अलग हो चुकी वीरा और निर्वा के भी दोबारा मां बनने की उम्मीद है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार भारत में चीतों के आने के 17 सितंबर को चार वर्ष पूरे हो गए। इन चार वर्षों में विदेश से लाए गए 26 चीतों की संख्या बढ़कर 52 हो गई है। इस दौरान कूनो में 25 चीतों की मौत हुई है, जिनमें नौ विदेशी और शेष भारत में जन्मे चीते बताए गए हैं। वर्तमान में भारत की धरती पर 32 भारतीय चीते हैं। इनमें नामीबियाई मूल के 22 और दक्षिण अफ्रीकी मूल के 10 शावक शामिल हैं।

सूत्रों ने बताया कि कूनो में चार मादाएं ज्वाला, आशा, गामिनी और मुखी अभी अपने छोटे शावकों के साथ हैं। इनके शावक एक वर्ष से कम उम्र के हैं, इसलिए इस वर्ष इन मादाओं से नए शावकों की उम्मीद नहीं है।

पार्क प्रबंधन के अनुसार 28 फरवरी 2026 को बोत्सवाना से नौ चीते कूनो लाए गए थे। इनमें छह मादा और तीन नर थे। अब इन्हीं छह मादाओं से नए शावकों की उम्मीद है। इनके जरिए कूनो की बढ़ती आबादी में नए रक्त समूह भी शामिल होंगे।

कूनो में फिलहाल 49 चीते हैं और प्रबंधन ने संख्या 80 तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। लक्ष्य तक पहुंचने के लिए 31 चीतों की और जरूरत है। इसे पूरा करने में नए शावकों का जन्म महत्वपूर्ण होगा।

इस वर्ष कूनो के सामने संख्या 49 से बढ़ाकर 80 करने के साथ इन 10 मादाओं से जन्म लेने वाली नई पीढ़ी को सुरक्षित रखने और आगे चलकर उसके प्रजनन में शामिल होने की भी चुनौती होगी।

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