नयी दिल्ली , सितंबर 18 -- केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने शुक्रवार को घोषणा की कि मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो राष्ट्रीय पार्क में भारत में जन्मी एक मादा चीता ने चार शावकों को जन्म दिया है।

यह 'प्रोजेक्ट चीता' के लिए एक और बड़ी उपलब्धि है।

केजीपी 12 नाम की इस चीता ने गुरुवार, 17 सितंबर को शावकों को जन्म दिया। पर्यावरण मंत्री ने इस घटना को देश के चीता संरक्षण कार्यक्रम के लिए एक बड़ी कामयाबी बताया और कहा कि यह जानवर खुद भारत में ही पैदा हुआ था।

कूनो नेशनल पार्क के क्षेत्र निदेशक उत्तम शर्मा ने बताया कि वन अधिकारियों ने शुक्रवार को शावकों को देखा और वे किसी तरह की परेशानी से बचाने के लिए मां और उसके बच्चों पर दूर से नज़र रख रहे हैं।

श्री शर्मा ने कहा, "मुखी के बाद, केजीपी 12 कूनो में बच्चों को जन्म देने वाली भारत में जन्मी दूसरी मादा चीता है।"इसके साथ ही भारत में पैदा हुए और जीवित रहने वाले चीतों की कुल संख्या 36 हो गयी है। अभी कूनो में 53 चीते हैं, जबकि तीन अन्य चीते गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में रखे गये हैं। सरकार चीतों के लिए तीसरे आवास के तौर पर रानी दुर्गावती टाइगर रिज़र्व को भी तैयार कर रही है और जल्द ही वहां चीतों को स्थानांतरित करने की उम्मीद है।

अधिकारियों ने बताया कि जंगल में इन जानवरों के जीवित रहने और प्रजनन में मदद करने के लिए ड्रोन से निगरानी, आवास प्रबंधन और नियमित फील्ड जांच जैसे कदम उठाये गये हैं।

'प्रोजेक्ट चीता' की शुरुआत 17 सितंबर, 2022 को कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया से लाये गये आठ चीतों के साथ हुई थी। बाद में दक्षिण अफ्रीका से 12 और बोत्सवाना से नौ चीतों को लाकर इस कार्यक्रम का विस्तार किया गया।

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