कुशीनगर , अगस्त 22 -- उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में कप्तानगंज पुलिस ने गोली मारकर जानलेवा हमला किए जाने की फर्जी घटना का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त अवैध पिस्टल, एक खोखा कारतूस, एक सूजा, दो मैगजीन और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
क्षेत्राधिकारी कसया डॉ. अजय कुमार सिंह ने शनिवार को बताया कि 20 अगस्त की रात करीब 10 बजे कप्तानगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से पुलिस को सूचना मिली कि एक युवक गोली लगने की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचा है। मौके पर पहुंची पुलिस को घायल गोपाल दूबे के परिजनों ने बताया कि दो लोगों ने उस पर जानलेवा हमला किया है।
इस मामले में गोपाल के पिता अमित कुमार दूबे की तहरीर पर सदानंद राय निवासी बनकटा, राजेश्वर यादव निवासी सोहनी और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। पुलिस के अनुसार विवेचना के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और पूछताछ में घटना की वास्तविकता सामने आई। जांच में पता चला कि घायल गोपाल दूबे ने पुरानी रंजिश और बदले की नीयत से दो निर्दोष व्यक्तियों को हत्या के प्रयास के मामले में फंसाने के लिए अपने साथियों सत्यम तिवारी और सूरज यादव के साथ मिलकर साजिश रची थी।
पुलिस का कहना है कि साजिश के तहत गोपाल ने खुद अपने पैर में सूजा धंसा लिया और अवैध पिस्टल से जमीन पर फायर किया। इसके बाद घटना को विपक्षियों द्वारा जानलेवा हमला किए जाने का रूप देने का प्रयास किया गया। पुलिस ने जांच और बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धाराओं में बदलाव करते हुए धारा 238(1), 248(1), 61(2), 3(5) बीएनएस तथा 3/25/27 आर्म्स एक्ट की धाराएं बढ़ाई हैं।
पुलिस ने मामले में गोपाल दूबे उर्फ गोपाल कृष्ण दूबे (25), सत्यम तिवारी (25) और सूरज यादव (22) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। तीनों कप्तानगंज थाना क्षेत्र के अलग-अलग गांवों के निवासी हैं।
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