कुशीनगर , मई 20 -- उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट आनंद प्रकाश तृतीय की अदालत ने चार वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में आरोपी झोला छाप चिकित्सक को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने अभियुक्त पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता के अभिभावक को दी जाएगी। वहीं अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
सहायक अभियोजक पॉक्सो एक्ट संजय तिवारी और सुनील मिश्र ने न्यायालय को बताया कि सेवरही थाना क्षेत्र निवासी वादी ने दो जून 2023 को पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उनकी चार वर्षीय पुत्री 30 मई को पड़ोस के एक लड़के के साथ खेलते हुए गांव के बाहर चली गई थी।
आरोप के अनुसार गांव के बाहर चौराहे पर अस्पताल चलाने वाला झोला छाप चिकित्सक अमरनाथ महतो निवासी रघुनंदनपुर, थाना फुलवरिया, जिला गोपालगंज (बिहार) बच्ची को पकड़कर अस्पताल के अंदर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपी अस्पताल बंद कर फरार हो गया।
घटना के बाद बच्ची रोते हुए घर पहुंची। उसकी हालत देखकर परिजन उसे तत्काल सरकारी अस्पताल ले गए, जहां उसका उपचार कराया गया। चार दिन बाद बच्ची ने अपनी मां को घटना की जानकारी दी। बाद में परिजन जब उसे आरोपी के पास ले गए तो बच्ची उसे देखकर सहम गई और उसकी पहचान की।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलों, प्रस्तुत साक्ष्यों और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई।
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