कुशीनगर , फरवरी 1 -- उत्तर प्रदेश में कुशीनगर जिले के परिषदीय विद्यालयों में तैनात दिव्यांग शिक्षकों के दिव्यांग एवं शैक्षिक प्रमाण-पत्रों की गहन जांच कराई जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। जांच में यदि कोई शिक्षक अपात्र पाया गया या प्रमाण-पत्र फर्जी मिला तो उसकी सेवा समाप्त की जाएगी।

डीजी स्कूल शिक्षा के निर्देश के बाद बीएसए डॉ. रामजियावन मौर्य ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को अपने-अपने विकासखंड में तैनात दिव्यांग शिक्षकों की सूची तैयार कर निर्धारित समयसीमा में प्रमाण-पत्रों का सत्यापन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। संदिग्ध मामलों में विस्तृत जांच कराई जाएगी।

जिले में 2463 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं, जिनमें लगभग 10 हजार शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक कार्यरत हैं। इनमें 52 दिव्यांग शिक्षक शामिल हैं। बीएसए ने स्पष्ट किया कि दिव्यांग कोटे का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों को मिले, इसके लिए यह कार्रवाई की जा रही है और अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।

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