कुशीनगर , मार्च 8 -- कुशीनगर में पडरौना शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए प्रशासन द्वारा 24 घंटे के भीतर दो बार ट्रैफिक प्लान बदला गया, लेकिन इसके बावजूद लोगों को जाम की समस्या से राहत नहीं मिल सकी। लोगों का कहना है कि जाम की मुख्य वजह रोडवेज बस चालकों की मनमानी, ई-रिक्शा चालकों की लापरवाही और सड़कों पर अतिक्रमण है। शनिवार को यातायात पुलिस और होमगार्ड की सक्रियता से स्थिति कुछ हद तक नियंत्रित रही और लोगों को आवागमन में अपेक्षाकृत कम परेशानी हुई। शहर के कोतवाली रोड, धर्मशाला रोड, दरबार रोड और जटहां रोड समेत कई प्रमुख मार्गों पर दिनभर रुक-रुक कर जाम लगता रहा। सबसे अधिक समस्या सुभाष चौक से छावनी तक देखने को मिलती है।
सुभाष चौक पर रामकोला रोड, कोतवाली रोड और जिला मुख्यालय जाने वाली सड़क का तिराहा होने के कारण यहां यातायात का दबाव अधिक रहता है। इसके अलावा चौक के आसपास पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और भारतीय जीवन बीमा निगम के कार्यालय तथा कई बड़े शॉपिंग मॉल भी स्थित हैं, जिससे यहां भीड़ बढ़ जाती है।
सुभाष चौक के पास गन्ना समिति परिसर में प्राइवेट टेंपो स्टैंड है, जहां से रामकोला, कप्तानगंज और नेबुआ नौरंगिया की ओर टेंपो चलते हैं। वहीं रामकोला रोड पर खड्डा और छितौनी के लिए प्राइवेट बस स्टैंड भी है। प्राइवेट बस और टेंपो चालक अक्सर सड़क पर ही वाहन खड़े कर सवारियां भरते हैं, जिससे जाम की स्थिति बनती है।
स्थिति को देखते हुए सीओ सदर ने शुक्रवार को गोरखपुर से आने वाली परिवहन निगम की बसों को बस स्टेशन से लगभग ढाई किलोमीटर दूर छावनी स्थित पडरौना डिपो पर ही रोकने का निर्णय लिया था। इससे यात्रियों को असुविधा हुई और परिवहन निगम की आय भी घट गई। गुरुवार को डिपो की आय लगभग 4.31 लाख रुपये थी, जो शुक्रवार को घटकर करीब तीन लाख रुपये रह गई।
बाद में परिवहन निगम के अधिकारियों से वार्ता के बाद बसों को फिर से पडरौना बस स्टेशन तक जाने की अनुमति दी गई। इसके बाद शनिवार को डिपो की आय बढ़कर करीब दस लाख रुपये हो गई। हालांकि शर्त के बावजूद कई बस चालक रास्ते में सवारी बैठाते और उतारते देखे गए, जिससे सुभाष चौक पर कुछ समय के लिए फिर जाम की स्थिति बन गई।
इस संबंध में यातायात निरीक्षक सुभाष चंद्र ने बताया कि बाजार में खरीदारी करने आने वाले लोग अपने वाहन सड़क पर ही खड़ा कर देते हैं। इसके अलावा शाम के समय पटरी दुकानदार सड़क तक दुकान लगाकर सब्जी, चाउमीन और अन्य खाद्य सामग्री बेचते हैं, जिससे यातायात प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि ई-रिक्शा और टेंपो चालकों की मनमानी भी जाम की बड़ी वजह है और कई बार अचानक वाहन रोकने से दुर्घटनाएं भी हो जाती है।
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