कुशीनगर , जून 09 -- उत्तर प्रदेश में कुशीनगर जिले के तरयासुजान थाना क्षेत्र में खेत की खुदाई के दौरान 330 प्राचीन चांदी जैसे सिक्के बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने सिक्कों को अपने कब्जे में लेकर उनकी जांच के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को भेजने की तैयारी शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार थाना क्षेत्र के ग्राम सभा गोपालपुर के टोला ओझवलिया निवासी राधेश्याम वर्मा के खेत में मिट्टी की खुदाई के दौरान यह सिक्के बरामद हुए। प्रारंभिक तौर पर सिक्कों पर अरबी-उर्दू अथवा फारसी लिपि में लिखावट दिखाई देने के कारण इनके प्राचीन और ऐतिहासिक महत्व का होने की संभावना जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा तेजी से फैल गई कि खुदाई के दौरान लगभग साढ़े तीन फीट ऊंचा एक पीतल का घड़ा मिला, जिसमें बड़ी संख्या में चांदी जैसे सिक्के भरे हुए थे। ग्रामीणों का अनुमान है कि ये सिक्के मुगलकालीन दौर से संबंधित हो सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक किसी पुरातत्व विशेषज्ञ अथवा सरकारी विभाग की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही खेत से घड़ा निकलने की सूचना फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। चर्चा है कि घड़े में मौजूद कुछ सिक्कों को मौके पर मौजूद लोगों ने उठा लिया। बाद में सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बरामद सिक्कों को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित कर लिया।
तरयासुजान थाना प्रभारी नितिन श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस ने कुल 330 सिक्के बरामद किए हैं। प्रथम दृष्टया ये सिक्के काफी पुराने प्रतीत हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिक्कों की वास्तविकता, उनकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और कालखंड का निर्धारण विशेषज्ञों की जांच के बाद ही संभव हो सकेगा।
पुलिस ने बताया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है तथा बरामद सिक्कों को आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के विशेषज्ञों को परीक्षण के लिए भेजा जाएगा। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि खुदाई के दौरान यदि अन्य सिक्के निकले थे तो वे कहां गए।
ग्रामीणों का मानना है कि यदि सिक्के वास्तव में ऐतिहासिक महत्व के सिद्ध होते हैं, तो यह क्षेत्र की सांस्कृतिक और पुरातात्विक विरासत से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खोज साबित हो सकती है। वहीं इतिहास के जानकारों का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में वैज्ञानिक परीक्षण अत्यंत आवश्यक होता है, जिससे वस्तुओं के वास्तविक काल, उपयोग और ऐतिहासिक महत्व की प्रमाणिक जानकारी प्राप्त की जा सके।
फिलहाल मौके पर शांति व्यवस्था कायम है और पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। खेत से निकले इस कथित खजाने को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाओं का दौर जारी है।
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