कुशीनगर , अक्टूबर 25 -- देवरिया के सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने कुशीनगर स्थित पथिक निवास में प्रेसवार्ता के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि जनपद के तमकुहीराज में 31 अक्टूबर से 3 नवंबर, 2026 तक राष्ट्रीय स्तर की 'इन स्पेस नारायणी रॉकेट्री कप-2026' प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। नारायणी नदी के तट पर आयोजित होने वाला यह चार दिवसीय आयोजन देशभर के विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान, रॉकेट निर्माण, डिजाइन, पेलोड तकनीक और रॉकेट प्रक्षेपण की बारीकियों को समझने के साथ ही व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर प्रदान करेगा। इस आयोजन में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं तकनीकी संस्थानों की कुल 76 छात्र टीमें प्रतिभाग करेंगी।

भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र द्वारा श्रीनारायणी साइंस डेवलपमेंट फाउंडेशन, उत्तर प्रदेश सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग तथा जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित इस प्रतियोगिता में 48 टीमें कैनसेट और 28 टीमें मॉडल रॉकेट्री श्रेणी में अपनी तकनीकी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। प्रतियोगिता में लगभग 608 विद्यार्थी तथा 150 शिक्षक एवं मेंटर भाग लेंगे। उन्होंने बताया किदेवरिया लोकसभा क्षेत्र के सांसद शशांक मणि ने इस आयोजन को पूर्वांचल के युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए कहा कि पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी तमकुहीराज में राष्ट्रीय स्तर की रॉकेट्री एवं कैनसेट प्रतियोगिता का आयोजन पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। इससे स्थानीय युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान, आधुनिक तकनीक और नवाचार को करीब से समझने तथा राष्ट्रीय स्तर के विद्यार्थियों के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष तकनीक का महत्व केवल वैज्ञानिक अनुसंधान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उपयोग कृषि, मौसम पूर्वानुमान, फसल निगरानी और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण है। इस आयोजन के माध्यम से किसानों, ग्राम प्रधानों और ग्रामीण युवाओं में आधुनिक तकनीक के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में वैज्ञानिक सोच और तकनीक आधारित विकास की संस्कृति विकसित करना समय की आवश्यकता है।

सांसद ने कहा कि यह आयोजन उनकी दस वर्षीय विकास रणनीति 'अमृत प्रयास' के उद्देश्यों के अनुरूप है। इसका लक्ष्य शिक्षा, तकनीक, उद्यमिता और जनभागीदारी के माध्यम से विकसित देवरिया लोकसभा के संकल्प को साकार करना है। अंतरिक्ष विज्ञान और आधुनिक तकनीक से युवाओं को जोड़कर क्षेत्र में नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं। इससे स्थानीय प्रतिभाओं को विज्ञान, अनुसंधान और तकनीकी उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।

प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागी छात्र दलों को मॉडल रॉकेट तैयार करने, उसके डिजाइन एवं विकास, पेलोड को निर्धारित ऊंचाई तक पहुंचाने और उसे सुरक्षित तरीके से वापस लाने जैसी तकनीकी चुनौतियों पर कार्य करना होगा। वहीं, कैनसेट एक छोटे उपग्रह के समान उपकरण होता है, जिसमें विभिन्न वैज्ञानिक एवं तकनीकी उपकरणों को समायोजित किया जाता है। इसके माध्यम से विद्यार्थी उपग्रह तकनीक, पेलोड डिजाइन, मिशन प्रबंधन और तकनीकी समस्याओं के समाधान की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त करेंगे। यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखकर वास्तविक अंतरिक्ष मिशन जैसी परिस्थितियों में काम करने का अनुभव प्रदान करेगी। इसके साथ ही उनमें टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता, योजना निर्माण, समस्या समाधान और आपसी समन्वय जैसे महत्वपूर्ण कौशल भी विकसित होंगे।

इसमें अंतरिक्ष विज्ञान में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने का राष्ट्रीय प्रयास इन- स्पेस के प्रमोशन निदेशालय के निदेशक एवं एएसआई के कार्यकारी सचिव डॉ. विनोद कुमार ने कहा कि यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही अंतरिक्ष तकनीक से जोड़ने तथा उन्हें वास्तविक तकनीकी चुनौतियों पर कार्य करने का अवसर प्रदान करने की महत्वपूर्ण पहल है। इससे भविष्य के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और तकनीकी उद्यमियों को तैयार करने में मदद मिलेगी। उन्होंने आयोजन के सफल संचालन में उत्तर प्रदेश सरकार एवं कुशीनगर जिला प्रशासन के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव पंधारी यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार विज्ञान, तकनीक और नवाचार की संस्कृति को निरंतर प्रोत्साहित कर रही है। कुशीनगर में आयोजित यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान के व्यावहारिक प्रयोगों से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर है। इससे उनमें अनुसंधान, नवाचार और स्टार्टअप के प्रति रुचि बढ़ेगी तथा विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग एवं गणित (स्टीम) आधारित शिक्षा को मजबूती मिलेगी।

तमकुहीराज में आयोजित होने वाला यह राष्ट्रीय आयोजन न केवल देशभर के विद्यार्थियों को अपनी तकनीकी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करेगा, बल्कि कुशीनगर और देवरिया लोकसभा क्षेत्र को विज्ञान, आधुनिक तकनीक, अनुसंधान एवं नवाचार के राष्ट्रीय परिदृश्य से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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