कुशीनगर , जून 07 -- उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में बड़ी गंडक नदी में घड़ियाल संरक्षण अभियान को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। बिहार के बगहा रेंज अंतर्गत रतवल पुल के निकट वर्ष 2026 के प्रजनन सत्र के पहले घड़ियाल घोंसले से 31 शावकों का सफल जन्म हुआ। सभी शावकों को वन विभाग और वाइल्डलाइफ ट्रस्ट आफ इंडिया (डब्ल्यूटीआइ) की निगरानी में उनके प्राकृतिक आवास गंडक नदी में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया।
शावकों को नदी में छोड़ने के समय क्षेत्र निदेशक (सीएफ) गौरव ओझा, वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ) पंकज कुमार, वन प्रक्षेत्र पदाधिकारी मलाकार, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि उपस्थित थे। अधिकारियों ने इसे घड़ियाल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए वन विभाग और डब्ल्यूटीआई के संयुक्त प्रयासों का परिणाम कहा।
अप्रैल-मई में वाइल्डलाइफ ट्रस्ट आफ इंडिया और बिहार वन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किए गए क्षेत्रीय सर्वेक्षण के दौरान इस घोंसले की पहचान की गई थी। वर्तमान प्रजनन सत्र में बड़ी गंडक नदी में कुल पांच घड़ियाल घोंसलों की पहचान की जा चुकी है, जिनकी नियमित निगरानी और सुरक्षा की जा रही है।
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