तेहरान , जून 04 -- ईरान की धार्मिक अर्धसैनिक इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने कहा है कि बुधवार को कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमला वास्तव में अमेरिकी पैट्रियट मिसाइल की खराबी के कारण हुआ था जिसमें एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

आईआरजीसी के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल हुसैन मोहेबी ने गुरुवार को एक बयान जारी कर कहा कि धार्मिक बल ने हवाई अड्डे पर कोई मिसाइल नहीं दागी थी। उन्होंने दावा किया कि यह घटना अमेरिकी पैट्रियट वायु रक्षा प्रणाली की खराबी का परिणाम थी जो ईरानी मिसाइलों को रोकने में विफल रहने के बाद कथित तौर पर हवाई अड्डे पर गिर गई या गलत दिशा में चली गई।

इस बयान को सेंटकॉम ने पूरी तरह से झूठा बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि "ईरान ने जानबूझकर, सोची-समझी और अनुचित कार्रवाई करते हुए ड्रोन से नागरिक हवाई अड्डे पर हमला किया।"ईरान ने दावा किया कि उसका हमला खाड़ी में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर किया गया था। यह हमला अमेरिकी हवाई हमलों के जवाब में किया गया था, जिसमें एक ईरानी द्वीप और एक ईरानी जहाज पर हमला किया गया था, जिसे सेंटकॉम ने "आत्मरक्षा हमले" करार दिया था।

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