बिलासपुर , अप्रैल 17 -- अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में पूर्व कुलपति प्रो. अरुण दिवाकर नाथ वाजपेई की विदाई के बाद छात्रों का असंतोष खुलकर सामने आ गया। बीती शाम जहां एक ओर विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनका औपचारिक विदाई समारोह आयोजित किया, वहीं दूसरी ओर यूटीडी के छात्र-छात्राओं ने अनोखे तरीके से विरोध जताते हुए पूरे कैंपस में गंगाजल छिड़ककर प्रतीकात्मक "शुद्धिकरण" किया, जिसकी जानकारी आज मीडिया को दी गई।
यह विरोध छात्र नेता नीरज यादव और लक्ष्य साहू के नेतृत्व में किया गया, जिसमें कई विभागों के छात्र बड़ी संख्या में शामिल हुए। छात्रों ने आरोप लगाया कि पूर्व कुलपति के कार्यकाल में विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का बोलबाला रहा।
शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक भर्तियों में पारदर्शिता नहीं रही। जेम पोर्टल के माध्यम से की गई खरीदी में गड़बड़ी और संसाधनों के दुरुपयोग के आरोप भी लगाए गए। इसके अलावा, इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण कार्यों में अनियमितताओं की बात भी कही गई। इस दौरान पूर्व कुलसचिव दुबे के निलंबन का मामला भी चर्चा में रहा।
छात्र नेता सूरज सिंह राजपूत ने कहा कि पूर्व कुलपति के कार्यकाल में विश्वविद्यालय का शैक्षणिक माहौल प्रभावित हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद एनएएसी मूल्यांकन नहीं हो सका और न ही कोई नया विभाग शुरू किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ और पहली बार छात्रों पर एफआईआर तक दर्ज कराई गई।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित