मैसूरु , अप्रैल 10 -- कर्नाटक में शुक्रवार को तब तीखा राजनीतिक टकराव देखने को मिला, जब केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को नयी पार्टी बनाने की खुली चुनौती दी।

श्री कुमारस्वामी ने कहा कि यदि श्री सिद्धारमैया वास्तव में खुद को 'अहिंडा' (अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग और दलित) समुदायों का मसीहा मानते हैं तो वे कांग्रेस छोड़ें और नयी पार्टी बनाकर स्वतंत्र रूप से कम से कम पांच विधानसभा सीटें जीतकर अपनी ताकत साबित करें।

उन्होंने जद (एस) के खिलाफ 'परिवारवाद की राजनीति' करने की मुख्यमंत्री की आलोचना को खारिज कर दिया और श्री सिद्धारमैया पर इस मुद्दे पर पाखंड करने का आरोप लगाया। श्री कुमारस्वामी ने प्रतिद्वंद्वियों की आलोचना करने के मुख्यमंत्री के नैतिक अधिकार पर सवाल उठाया और कांग्रेस पर राज्यों में 'दोहरे मापदंड' अपनाने का आरोप लगाते हुए निशाना साधा।

दिशा समिति की बैठक से पहले मैसूरु में मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस कर्नाटक में जद (एस) की आलोचना करती है, लेकिन अन्य जगहों पर गठबंधन चाहती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस तमिलनाडु और बिहार जैसे राज्यों में उम्मीदवार उतारने के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने पिछले राजनीतिक प्रकरणों, चुनावी हार और पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा की भूमिका का भी जिक्र किया और श्री सिद्धारमैया पर पुराने राजनीतिक संबंधों के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया।

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