बेंगलुरु , अक्टूबर 02 -- केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने शुक्रवार को बेंगलुरु-मैसूरु अवसंरचना गरियारा (नाइस) परियोजना से प्रभावित किसानों और जमीन गंवाने वाले लोगों से मुलाकात की तथा उन्हें न्याय दिलाने के लिए उनके साथ मिलकर लड़ने का आश्वासन दिया।

श्री कुमारस्वामी ने चार स्थानों का दौरा किया। उन्होंने मदावरा जंक्शन से अपना दौरा शुरू किया और गणसंद्रा में इसे समाप्त करने का कार्यक्रम था। इस दौरान उन्होंने 30 से अधिक गांवों के प्रभावित किसानों से मुलाकात की।उन्होंने दौरे से पहले जारी एक बयान में कहा, "मैं बेंगलुरु-मैसूरु अवसंरचना गलियारा परियोजना के लिए अपनी जमीन गंवाने के बाद पीड़ित लोगों की शिकायतें सुनने के लिए निकल रहा हूं। शुक्रवार सुबह से शाम तक मैं व्यक्तिगत रूप से प्रभावित लोगों से मिलूंगा।"किसानों, जनता दल (सेक्युलर) के कार्यकर्ताओं और नेताओं से बड़ी संख्या में इसमें शामिल होने की अपील करते हुए श्री कुमारस्वामी ने कहा, "आइए, हम मिलकर लड़ें। जब तक हम अपना लक्ष्य हासिल नहीं कर लेते, हमें आराम नहीं करना चाहिए।" इससे पहले उन्होंने उन्होंने परियोजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया था और दावा किया था कि कथित घोटाले की राशि तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक है।

उन्होंने कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की संपत्ति में हुई वृद्धि पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि श्री शिवकुमार की संपत्ति 2003 में चार करोड़ रुपये से बढ़कर 2023 में 1,413 करोड़ रुपये हो गई।

श्री कुमारस्वामी ने आरोप लगाया है कि श्री शिवकुमार और उनके भाई एवं कांग्रेस के पूर्व सांसद डी.के. सुरेश ने बेंगलुरु-मैसूरु अवसंरचना गलियारा (बीएमआईसी) परियोजना के संबंध में विधायी और कार्यपालिका तंत्र का दुरुपयोग किया, जिससे किसानों को नुकसान हुआ और बड़े पैमाने पर अनियमितताओं को बढ़ावा मिला। उन्होंने राज्य सरकार को इन आरोपों पर कार्रवाई करने की चुनौती दी और कहा कि यदि सरकार में इन आरोपों से निपटने का साहस नहीं है तो शिवकुमार को इस्तीफा दे देना चाहिए।

उन्होंने दावा किया कि नाइस का मामला 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले से भी बड़ा है। उन्होंने कहा कि वह अपने कथित खुलासे के तहत और दस्तावेज जारी करेंगे।

श्री कुमारस्वामी द्वारा लगाए गए आरोपों और पेश किए गये दस्तावेजों की वास्तविकता स्थापित करने के लिए सक्षम प्राधिकारियों द्वारा उनकी जांच किया जाना आवश्यक है।

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