बैतूल , जून 20 -- मध्य प्रदेश के बैतूल नगर पालिका परिषद ने शहर में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए पालतू और आवारा कुत्तों के संबंध में सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नगरपालिका ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी पालतू कुत्ते द्वारा किसी व्यक्ति को काटा जाता है या उसे किसी प्रकार की शारीरिक क्षति पहुंचती है, तो संबंधित कुत्ता मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, आवारा कुत्तों को आश्रय देने वाले लोगों को भी ऐसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार माना जाएगा।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा जारी सूचना के अनुसार, नगर पालिका अधिनियम के तहत सार्वजनिक स्थानों पर कुत्तों को अनियंत्रित छोड़ना, बिना सुरक्षा उपायों के घुमाना तथा नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डालना दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में नगर पालिका को संबंधित कुत्तों को पकड़ने, जब्त करने और नियमानुसार कार्रवाई करने का अधिकार प्राप्त है।
नगर पालिका ने कहा कि शहरवासियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी पालतू पशु मालिकों को निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। अधिकारियों के मुताबिक यदि किसी कुत्ते के कारण किसी व्यक्ति को चोट लगती है, गंभीर नुकसान होता है या मानव जीवन एवं सुरक्षा को खतरा उत्पन्न होता है, तो संबंधित कुत्ता मालिक अथवा आवारा कुत्तों को संरक्षण देने वाले व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की प्रासंगिक धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जा सकती है। इसके बाद पुलिस द्वारा विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
नगर पालिका परिषद ने सभी पालतू कुत्ता मालिकों को अपने कुत्तों का अनिवार्य रूप से पंजीयन कराने और समय-समय पर एंटी रेबीज टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर कुत्तों को घुमाते समय पट्टा (लीश) का उपयोग करना तथा उन्हें नियंत्रण में रखना भी अनिवार्य बताया गया है।
नगर पालिका ने नागरिकों से अपील की है कि वे पशुपालन से जुड़े नियमों का पालन कर शहर में सुरक्षित और जिम्मेदार वातावरण बनाने में सहयोग करें। साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि इन कदमों से कुत्तों से जुड़ी घटनाओं में कमी आएगी और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
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