चेन्नई , जुलाई 16 -- भारतीय परमाणु ऊर्जा निगम लिमिटेड (एनपीसीआईएल) ने कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा परियोजना से जुड़ी गोपनीय जानकारी लीक होने की खबरों को खारिज कर दिया है। निगम ने कहा कि देश की परमाणु सुरक्षा या संवेदनशील प्रणालियों से जुड़ा कोई भी गोपनीय डेटा लीक नहीं हुआ है और परियोजना पूरी तरह सुरक्षित है।

एनपीसीआईएल का यह बयान उन मीडिया रिपोर्टों के बाद आया है, जिनमें दावा किया गया था कि कुडनकुलम परियोजना के नक्शे और अन्य संवेदनशील फाइलें इंटरनेट पर लीक हो गई हैं। रिपोर्टों में कहा गया था कि एक साइबर अपराधी समूह ने परियोजना से जुड़ी ठेकेदार कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के कंप्यूटर नेटवर्क में सेंध लगाकर ये फाइलें हासिल की हैं।

रिपोर्टों में वर्ष 2016 से 2025 के बीच की 19,000 से अधिक फाइलें लीक होने का दावा किया गया था। इनमें नियंत्रण प्रणाली, शीतलन (कूलिंग) और वेंटिलेशन से जुड़े इंजीनियरिंग ड्रॉइंग तथा उपकरण आपूर्ति करने वाली कंपनियों की जानकारी होने की बात कही गई थी। कुडनकुलम परियोजना में फिलहाल रूस के सहयोग से 1,000 मेगावाट की दो परमाणु इकाइयां चल रही हैं, जबकि चार अन्य इकाइयों का निर्माण जारी है।

एनपीसीआईएल ने बताया कि परियोजना की तीसरी और चौथी इकाइयों के लिए सामान्य नागरिक सुविधाओं के निर्माण, खरीद और रखरखाव का ठेका वर्ष 2018 में सार्वजनिक निविदा के जरिए रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर को दिया गया था। ये सुविधाएं सामान्य प्रकृति की हैं और इनका इस्तेमाल अन्य बिजलीघरों तथा औद्योगिक संयंत्रों में भी होता है। इनका परमाणु रिएक्टर या उसकी सुरक्षा प्रणाली से कोई सीधा संबंध नहीं है।

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