भरतपुर , जुलाई 01 -- राजस्थान में अजमेर की अतिरिक्त सुरक्षित समझी जाने वाली जेल में 29 जून को कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या के बाद बुधवार को धौलपुर के डांग स्थित भवुतीपुरा गांव के श्मशान में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जगन के पुत्र आसाराम ने मुखाग्नि दी। इस बीच विशेष कार्य बल (एसटीएफ) की सुरक्षा में जगन के तीनों भाइयों को भी जेल से धौलपुर लाया गया। अंतिम संस्कार के बाद तीनों को पुलिस वापस अपने साथ ले गई। तीनों को अलग-अलग गाड़ियों से अजमेर, धौलपुर एसटीएफ और धौलपुर पुलिस शमसान घाट लेकर पहुंची थी। इनकी सुरक्षा में करीब 100 पुलिसकर्मी तैनात रहे।

इससे पहले जगन के शव के गांव पहुंचने से पहले ही गांव में नौ थानों की पुलिस तैनात की गयी थी।

उल्लेखनीय है कि अजमेर की जेल में भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु जाट द्वारा तौलिए से गला दबाकर हत्या कर देने के बाद मंगलवार को जगन के परिवार वाले अजमेर जेल के शवगृह के बाहर धरने पर बैठ गये थे। बाद में पुलिस एवं प्रशासनिक स्तर पर चली कई घण्टों की बातचीत के बाद पोस्टमॉर्टम अजमेर में करवाकर मंगलवार सुबह जगन का शव धौलपुर लाया गया था।

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