बैतूल , अक्टूबर 14 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले के कुकरू क्षेत्र में कॉफी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार करेगा। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने सेंट्रल कॉफी बोर्ड की तकनीकी टीम के साथ बैठक के बाद संबंधित विभागों को किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में कॉफी बोर्ड और सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट के संयुक्त निदेशक एन. नंदगोपाल के नेतृत्व में पहुंची टीम ने क्षेत्र में किए गए निरीक्षण के अनुभव साझा किए और कुकरू को कॉफी की खेती के अनुकूल बताया। प्रशासन का उद्देश्य कॉफी उत्पादन को ग्रामीण आजीविका, स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन से जोड़ना है।
कलेक्टर ने जल संरक्षण के लिए 'रिज टू वैली' पद्धति के तहत जलग्रहण क्षेत्र की कार्ययोजना तैयार करने और जल संग्रहण संरचनाएं बनाने के निर्देश दिए। कृषि विभाग की आत्मा परियोजना के माध्यम से किसानों के भ्रमण और प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत इच्छुक किसानों का चयन कर कॉफी बोर्ड से प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। प्रशिक्षित किसानों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जाएगा, ताकि वे अन्य किसानों को भी मार्गदर्शन दे सकें।
प्रशासन ने वन समितियों को भी इस पहल से जोड़ने और वन विभाग के माध्यम से तकनीकी समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। कॉफी बोर्ड के साथ औपचारिक समझौता ज्ञापन करने पर भी विचार किया जा रहा है। बैठक में वन मंडलाधिकारी अरिहंत कोचर, ध्रुव श्रीवास्तव तथा कृषि विज्ञान केंद्र और उद्यानिकी विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से स्थानीय किसानों और आदिवासी समुदाय के लिए आय के नए अवसर विकसित होंगे।
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