हरिद्वार , मई, 17 -- वर्षों तक भीड़, भगदड़, आस्था और सुरक्षा के बड़े-बड़े आयोजनों में पुलिस की मजबूत साथी बनी घुड़सवार पुलिस लाइन की मादा अश्व 'शालू' आखिरकार जिंदगी की जंग हार गई। 15 वर्ष 6 माह की उम्र में लंबी बीमारी से संघर्ष करते हुए रविवार तड़के उसने अंतिम सांस ली। उसके निधन की खबर मिलते ही पुलिस परिवार में शोक की लहर दौड़ गई और बैरागी कैंप स्थित घोड़ा पुलिस लाइन में माहौल भावुक हो उठा।
पैर की गंभीर बीमारी 'क्विटर' से पीड़ित शालू पिछले काफी समय से उपचाराधीन थी, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। अंतिम विदाई के दौरान एसएसपी नवनीत सिंह सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और जवान मौजूद रहे। हर आंख नम थी और चेहरों पर अपने एक भरोसेमंद साथी को खोने का दर्द साफ दिखाई दे रहा था।
वर्ष 2016 में हरिद्वार पुलिस का हिस्सा बनी शालू ने करीब दस वर्षों तक अपनी सेवाओं से अलग पहचान बनाई। शांत स्वभाव, अनुशासन और कठिन परिस्थितियों में भी संयम बनाए रखने की उसकी क्षमता ने उसे पुलिस विभाग का खास सदस्य बना दिया था। चाहे गंगा स्नान ड्यूटी हो, शांति व्यवस्था कायम रखने की जिम्मेदारी या फिर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ वाला कुंभ मेला- शालू हर चुनौती में पुलिस की मजबूत ताकत बनकर खड़ी रही।
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