विजयवाड़ा , जनवरी 24 -- आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को गोदावरी पुष्करालु मेले का आयोजन कुंभ मेले की तर्ज पर भव्य स्तर पर करने के लिए योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार देर रात सचिवालय में एक समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि इस अवसर पर भारत और विदेशों से 10 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, जिसे देखते हुए बुनियादी ढांचे का निर्माण उसी स्तर पर होना चाहिए। यह आयोजन अगले साल 26 जून से चार जुलाई तक किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि पोलावरम, एलुरु, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी, कोनासीमा और काकीनाडा जिलों से होकर बहने वाली गोदावरी नदी के 212 किलोमीटर लंबे हिस्से में स्थित स्नान घाटों पर तीर्थयात्रियों को कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को केंद्र सरकार से आवश्यक धनराशि प्राप्त करने के लिए समय रहते चर्चा शुरू करने की सलाह भी दी। श्री नायडू ने मौजूदा घाटों की क्षमता बढ़ाने, प्रवेश और निकास के लिए व्यापक मार्ग प्रबंधन और उचित स्थानों पर पर्याप्त पार्किंग की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सुरक्षा व्यवस्था पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने यातायात जाम और आग जैसी घटनाओं को रोकने के लिए पुख्ता योजना बनाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि भीड़ प्रबंधन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रणालियों और निगरानी के लिए आरटीजीएस सेवाओं का उपयोग किया जाए।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि कुल 373 घाटों को विकसित करने की योजना है, जिनमें 234 मौजूदा और 139 नए घाट शामिल होंगे। इनमें सबसे अधिक 175 घाट डॉ. बीआर आम्बेडकर कोनासीमा जिले में प्रस्तावित हैं।
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