धार , फरवरी 05 -- मध्यप्रदेश में धार जिले की गंधवानी विधानसभा अंतर्गत ग्राम पंचायत वासली में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली का गंभीर मामला सामने आया है। गांव में शमशान घाट तक जाने वाला मार्ग गंदे पानी और कीचड़ से भरा हुआ है, जिससे बुधवार को एक बुजुर्ग महिला की शव यात्रा को उसी गंदे पानी के बीच से गुजरना पड़ा। गांव की करीब आधा किलोमीटर लंबी यह सड़क लंबे समय से बदहाल है, लेकिन इसके निर्माण की ओर अब तक कोई ध्यान नहीं दिया गया है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार ग्राम वासली निवासी बुजुर्ग महिला ताराबाई लंबे समय से बीमार थीं। बुधवार 4 फरवरी को उनके निधन के बाद जब अंतिम यात्रा शमशान घाट के लिए निकली तो रास्ते में जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण सड़क पर गंदा पानी और कीचड़ भरा हुआ था। मजबूरी में ग्रामीणों को इसी रास्ते से शव यात्रा निकालनी पड़ी। मानसून के दौरान हालात और भी खराब हो जाते हैं, तब ग्रामीणों को करीब सात किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर शमशान घाट पहुंचना पड़ता है।
शव यात्रा के दौरान की परेशानी का वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया है। वीडियो में बड़ी संख्या में लोग अर्थी को लेकर चलते नजर आ रहे हैं। कुछ लोग कीचड़ से बचने के लिए सड़क के किनारे से निकलते दिखाई दे रहे हैं, जबकि कई लोग अर्थी को टेढ़ा कर गंदे पानी से गुजरने को मजबूर हैं।
ग्रामीण बसंत डोडवे ने बताया कि गांव में पानी की निकासी की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। थोड़ी सी बारिश में ही सड़क पर पानी भर जाता है और पूरा रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है। इससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी होती है।
किशन मंडलोई ने बताया कि जलभराव के कारण रोजमर्रा का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बीमार मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाना भी मुश्किल हो जाता है। वहीं किसी की मृत्यु होने पर शव यात्रा निकालना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है। कंधा देने वाले लोगों को गंदे पानी में उतरकर शव ले जाना पड़ता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से शिकायत की है। गत वर्ष सरपंच और ग्रामीणों ने धार जिले के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से भी मुलाकात कर समस्या के समाधान की मांग की थी, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
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