दरभंगा , दिसंबर 05 -- भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी एवं सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) पटना के महानिरीक्षक निशीत कुमार उज्जवल ने शुक्रवार को कहा कि किसी भी समाज की असली ताकत उसके लोगों का स्वास्थ्य है।

एसएसबी पटना के महानिरीक्षक निशीत कुमार उज्जवल ने मिथिलांचल कान नाक गला संस्था की ओर से आयोजित 49वें तीन दिवसीय बिहार झारखंड बीजेएआईओकॉन सम्मेलन में कहा कि चिकित्सक समुदाय लोगों को स्वस्थ रखकर न केवल उनके पूर्ण और उपयोगी जीवन की राह आसान करता है, बल्कि देश की विकास यात्रा में उनकी सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित करता है। उन्होंने कहा कि चिकित्सक समुदाय लोगों को स्वस्थ रखकर न केवल उनके पूर्ण और उपयोगी जीवन की राह आसान करता है, बल्कि देश की विकास यात्रा में उनकी सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित करता है।

श्री उज्जवल ने कहा कि इस सम्मेलन में शामिल होना अपने-आप में एक सम्मानजनक अवसर है। उन्होंने दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच), दरभंगा में इस कार्यक्रम को उम्दा तरीके से आयोजित करने के लिए आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि समाज तब स्वस्थ होता है जब लोग बिना परेशानी सुन, बोल और सांस ले पाते हैं। तब वे राष्ट्र की तरक्की में अधिक प्रभावी ढंग से योगदान देते हैं। चिकित्सकों के कार्यों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने रेखांकित किया कि वो सब केवल उपचार का काम नहीं करते, बल्कि बिहार और झारखंड के सामाजिक-आर्थिक विकास तथा 'विकसित भारत@47' के लक्ष्य को पाने में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।

वरिष्ट ईएनटी चिकित्सक सह बिहार झारखंड एसोसिएशन ऑफ ऑटोलेरिंगोलॉजिस्ट ऑफ इण्डिया के अध्यक्ष डॉ अश्विनी कुमार वर्मा ने कहा कि ऐसे सम्मेलन ज्ञान, अनुभव और नई तकनीकों के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच बनते हैं और चिकित्सा क्षेत्र में नवीनतम प्रगति को व्यवहारिक उपयोग से जोड़ने में सेतु का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्यशाला का मुख्य उदद्देश्य होता है नई जानकारी प्रदान करना। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में नाक कान एवं गला रोगों से जुड़ी जटिल बीमारियों, नवीनतम उपचार पद्धतियों एवं आधुनिक शल्य चिकित्सक की तकनीक एवं अनुसंधान कार्यों पर भी विस्तृत चर्चा होगी।

बिहार झारखंड एसोसिएशन ऑफ ऑटोलेरिंगोलॉजिस्ट ऑफ इण्डिया के सचिव डॉ.राकेश कुमार ने कहा कि यह वार्षिक सम्मेलन मात्र एक जमावड़ा नहीं है, बल्कि इस तरह के समागम से नवीन जानकारियों का आदान - प्रदान भी होता है। अलग - अलग राज्यों की चिकित्सा व्यवस्था, विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा अत्याधुनिक चिकित्सा एवं मरीजों की देखभाल की प्रक्रिया, विशेष चिकित्सा प्रणाली आदि की जानकारी भी मिलती है।

आयोजन समिति के सचिव डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि सम्मेलन का लक्ष्य ज्ञान अनुभव और चिकित्सा के नवाचार के आदान-प्रदान का एक उत्कृष्ट और सार्थक मंच बनाना है उन्होंने कहा कि एंट विशेषज्ञों का यह सबसे विशिष्ट वार्षिक आयोजन है जिसमें देश भर के वरिष्ठ चिकित्सक, सर्जन, शोधकर्ता और मेडिकल छात्र भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि वायुयान के हड़ताल के कारण कई चिकित्सक सम्मेलन में नहीं पहुंच पाए हैं फिर भी यह सम्मेलन काफी सफल है।

अतिथियों का स्वागत दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल की प्राचार्या डॉक्टर अलका झा ने किया। दरभंगा मेडिकल कॉलेज की अधीक्षक डॉक्टर शीला साहू एवं आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. रिजवान अहमद ने भी समारोह को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मोना सरावगी ने किया।

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