बैतूल , अगस्त 01 -- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत मिलने वाले मुफ्त राशन को लेकर नया तकनीकी पेंच सामने आया है। जिन परिवारों ने विवाह के बाद अलग समग्र आईडी बनवाकर नया राशन कार्ड तैयार कराया है और जिनमें पति या पत्नी को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिल रहा है, उनके नए फूड कूपन जनरेट नहीं हो पा रहे हैं। इससे कई पात्र हितग्राही मुफ्त राशन से वंचित होने की आशंका जता रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, राज्य में विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए समग्र आईडी अनिवार्य है। विवाह के बाद अनेक परिवार अलग समग्र परिवार आईडी बनवाकर स्वतंत्र राशन कार्ड भी बनवा लेते हैं, ताकि उन्हें योजनाओं का लाभ अलग इकाई के रूप में मिल सके। हालांकि अब नए फूड कूपन जारी करते समय पोर्टल पर तकनीकी समस्या सामने आ रही है।
बताया जा रहा है कि जैसे ही ऐसे हितग्राहियों की समग्र आईडी पोर्टल पर दर्ज की जाती है, सिस्टम यह दर्शाता है कि परिवार के किसी सदस्य को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिल रहा है। इसके बाद संबंधित राशन कार्ड का फूड कूपन जनरेट नहीं होता। इससे प्रभावित परिवारों को मुफ्त राशन प्राप्त करने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि यह समस्या केवल नए फूड कूपन जारी करने के मामलों में सामने आ रही है। जिन परिवारों के फूड कूपन पहले से बने हुए हैं, उन्हें फिलहाल राशन वितरण सामान्य रूप से जारी है, भले ही परिवार का कोई सदस्य किसान सम्मान निधि योजना का लाभार्थी हो। इससे स्पष्ट है कि तकनीकी बाधा केवल नए आवेदनों या नए कूपन जारी करने की प्रक्रिया तक सीमित है।
स्थानीय स्तर पर इस समस्या से प्रभावित लोग समाधान की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अलग समग्र आईडी बनवाना शासन की निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया गया था, लेकिन अब उसी के कारण वे राशन जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हो रहे हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित