उज्जैन , दिसंबर 4 -- मध्यप्रदेश में सिंहस्थ क्षेत्र से लैंड पुलिंग कानून निरस्त करने की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ इस माह के अंतिम सप्ताह में बड़ा प्रदेशव्यापी आंदोलन करने जा रहा है। संगठन ने साफ कहा है कि यदि सरकार सात दिन में कानून वापस नहीं लेती तो हजारों किसान उज्जैन में एकजुट होकर आंदोलन करेंगे।

किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह आंजना ने जानकारी दी कि बुधवार को संगठन की प्रदेश कार्यकारिणी की ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई, जिसमें अखिल भारतीय स्तर के अधिकारी भी शामिल हुए। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सरकार तत्काल सिंहस्थ क्षेत्र से लैंड पुलिंग कानून निरस्त करे और इसका गजट नोटिफिकेशन जारी करे।

संगठन ने मांग की कि किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएँ, टीडीएस की धारा 8/9/10/11 से संबंधित गजट नोटिफिकेशन रद्द किए जाएँ तथा सिंहस्थ क्षेत्र में किसी प्रकार के स्थाई निर्माण पर रोक लगाई जाए।

आंजना ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने पहले लैंड पुलिंग कानून निरस्त करने की घोषणा की थी, लेकिन इसके स्थान पर संशोधन आदेश जारी कर दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि संशोधन आदेश के पीछे प्रशासन की क्या मंशा है और सिंहस्थ आयोजन में जुटे अधिकारियों के कौन से निजी हित जुड़े हुए हैं, यह सरकार स्पष्ट करे।

बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों ने खाद की कमी, मक्का की एमएसपी पर खरीदी न होना, प्याज के कम दाम, रात में बिजली आपूर्ति, तथा धान के सीमित खरीदी केंद्रों को लेकर नाराजगी जताई। किसान संघ ने सरकार से मांग की कि मक्का व प्याज उत्पादक किसानों को प्रति क्विंटल राहत राशि देकर तुरंत सहायता प्रदान की जाए।

इस ऑनलाइन बैठक में अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री गजेन्द्र सिंह, उपाध्यक्ष रामभरोस वासोतिया, भूमि अधिग्रहण आयाम प्रमुख प्रमोद चौधरी, खेलन सहारे, प्रचार प्रमुख राघवेन्द्र सिंह पटेल, क्षेत्र संगठन मंत्री महेश चौधरी, प्रदेश महामंत्री चंद्रकांत गौर सहित तीनों प्रांतों के अध्यक्ष, महामंत्री, संगठन मंत्री और कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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