चंडीगढ़ , मार्च 01 -- चंडीगढ़ में किसान संगठन केएमएम की ओर से आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में संगठन ने पंजाब सरकार के खिलाफ लंबित मांगों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है।

केएमएम नेता लोंगोवाल ने रविवार को कहा कि पंजाब सरकार के साथ कई मुद्दे लंबे समय से लंबित पड़े हैं। उन्होंने मांग की कि शंभु और खनोरी मोर्चे के दौरान हुए नुकसान की तीन करोड़ 77 लाख 948 रुपये की भरपाई की जाए। इसके अलावा आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों के परिवारों को उचित मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग पूरी करने की आपील की।

किसान नेता ने कहा कि सीड बिल और बिजली बिल को लेकर भी सरकार स्पष्ट रुख अपनाए और किसानों को राहत दे। उन्होंने घोषणा की कि 19 मार्च को पहला मोर्चा अमृतसर में शुरू किया जाएगा, जिसके बाद आंदोलन को पूरे पंजाब स्तर पर विस्तारित किया जाएगा।

किसान नेता बेहराम ने गुरदासपुर में दो पुलिस कर्मचारियों की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए उनके परिवारों के साथ संवेदना प्रकट की। साथ ही उन्होंने हाल ही में हुए एक युवक के एनकाउंटर मामले में उसके परिवार के साथ खड़े होने की बात की।

किसान संगठन केएमएम ने समाना में गुरजीत सिंह टावर पर चल रहे धरने को भी समर्थन देने का ऐलान किया। 6 मार्च को बठिंडा में होने वाले बड़े इकट्ठ को भी संगठन ने अपना समर्थन दिया है।

संगठन ने कहा कि 14 मार्च को किसान संगठन केएमएम जिला और पंजाब स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित