जौनपुर , अगस्त 28 -- उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन. की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। जिलाधिकारी ने योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि जनपद में किसानों का एक भी आवेदन लंबित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने पात्र किसानों के आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा के दौरान डीएम ने इसका व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने गांव-गांव और भीड़भाड़ वाले बाजारों में एलईडी एवं प्रचार वाहनों के माध्यम से किसानों को योजना की जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया, ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें।
जिलाधिकारी ने जनपद में मूली की फसल को बढ़ावा देने और किसानों को इसके उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने के साथ ही मूली को जीआई टैग दिलाने की दिशा में प्रयास करने के निर्देश दिए। बैठक में डिजिटल क्रॉप सर्वे, फार्मर रजिस्ट्री, मृदा स्वास्थ्य परीक्षण और मृदा नमूना एकत्रीकरण समेत कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
भूमि संरक्षण अधिकारी को जल संरक्षण से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के आठ ब्लॉक क्रिटिकल श्रेणी में हैं। ऐसे में जल संरक्षण और भूजल स्तर में सुधार के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर उसका समयबद्ध क्रियान्वयन कराया जाए।
डीएम ने इंटीग्रेटेड फार्मिंग को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया, ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो सके। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं। साथ ही किसानों को बाजार की सुविधाओं और कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में उप कृषि निदेशक अश्वनी कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी विनय सिंह, डिप्टी पीडी आत्मा रमेश यादव समेत कृषि विभाग के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
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