समस्तीपुर , अक्टूबर 22 -- भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से देशव्यापी 'खेत बचाओ अभियान' के तहत कृषि जन कल्याण चौपाल का शुभारंभ गुरुवार को समस्तीपुर जिले के कोठिया स्थित पंचायत राज सरकार भवन परिसर में किया गया। बिहार में अभियान का उद्घाटन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने किया।इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री ठाकुर ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और मिट्टी के स्वास्थ्य को संरक्षित रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खेत और मिट्टी को स्वस्थ रखना बेहद जरूरी है। खेत बचेगा, तभी इंसान बचेगा और जब इंसान स्वस्थ रहेगा, तभी खेती का महत्व भी बना रहेगा।

केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि स्वस्थ मिट्टी से ही पौष्टिक अनाज का उत्पादन संभव है। इसलिए किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने तथा रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग को कम करने के प्रति जागरूक करना आवश्यक है।उन्होंने कहा कि मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना न केवल कृषि उत्पादन, बल्कि मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण के संतुलन के लिए भी महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के कुलपति डॉ. पी.एस. पांडेय ने बताया कि कृषि भूमि की उर्वरता सुरक्षित रखने, मिट्टी को समृद्ध बनाने और किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से भारत सरकार के कृषि मंत्रालय की ओर से 22 अक्टूबर से 30 नवंबर तक देशव्यापी 'खेत बचाओ अभियान' चलाया जा रहा है।उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान किसानों को मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन तथा रासायनिक उर्वरकों के संतुलित और कम उपयोग के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य कृषि भूमि की उर्वरता को बनाए रखते हुए खेती को अधिक टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है।

कार्यक्रम में डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के वैज्ञानिकों ने भी अभियान के उद्देश्यों और इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। वहीं, मोरवा के विधायक रणविजय साहू ने खेत बचाओ अभियान की सफलता के लिए किसानों को जागरूक करने और कृषि भूमि के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया।

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