लखनऊ , अगस्त 18 -- खेती-किसानी से जुड़े परिवारों को आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना जरूरत के समय किसान परिवारों के लिए बड़ा सहारा बन रही है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि योगी सरकार ने योजना के बजट में 100 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी करते हुए इसे 1,050 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,150 करोड़ रुपये कर दिया है। पिछले वित्तीय वर्ष से अब तक करीब 38 हजार आश्रित परिवार योजना से लाभान्वित हो चुके हैं।
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना 14 सितंबर 2019 से लागू है। योजना के तहत दुर्घटना के कारण मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति में पात्र परिवार को अधिकतम पांच लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है। योजना का दायरा भी व्यापक रखा गया है।
खतौनी में दर्ज खातेदार और सहखातेदार के अलावा ऐसे कमाऊ पारिवारिक सदस्य भी इसके दायरे में आते हैं, जिनकी आजीविका का मुख्य स्रोत खातेदार या सहखातेदार के नाम दर्ज भूमि से होने वाली कृषि आय है। पट्टे या बटाई की भूमि पर खेती करने वाले पात्र भूमिहीन कृषक भी इसका लाभ ले सकते हैं।
राजस्व विभाग के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना के लिए 1,050 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। जनपदों की मांग के अनुसार पूरी धनराशि आवंटित की गई और 21,659 आश्रित परिवारों को लाभ मिला। वित्तीय वर्ष 2026-27 में बजट बढ़ाकर 1,150 करोड़ रुपये किया गया है। इसके सापेक्ष प्रथम और द्वितीय किस्त के रूप में 862.50 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि जनपदों की मांग के अनुसार 813.81 करोड़ रुपये आवंटित किए जा चुके हैं। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 17,152 आश्रित परिवार लाभान्वित हुए हैं।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शिता के लिए राजस्व विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। जिलाधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं तथा योजना के लिए विकसित पोर्टल को मुख्यमंत्री डैशबोर्ड से जोड़ा गया है। इससे योजना की प्रगति और लाभार्थियों तक सहायता पहुंचने की स्थिति की नियमित निगरानी की जा रही है।
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