सहारनपुर , जून 17 -- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में किसान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों की समस्याओं की सुनवाई करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है। किसान दिवस में उपस्थित कृषकों ने विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याएं रखीं, जिनके निराकरण के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन ने किसानों को कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का प्रभावी उपयोग कर किसान अपनी आर्थिक स्थिति को और मजबूत बना सकते हैं।

कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. वीरेन्द्र वर्मा ने खरीफ सीजन की प्रमुख फसल धान में संतुलित उर्वरकों के प्रयोग, कीट एवं रोग प्रबंधन तथा बेहतर उत्पादन तकनीकों की जानकारी दी। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एम.पी. सिंह ने पशुओं में होने वाले विभिन्न रोगों एवं उनकी रोकथाम के उपायों पर प्रकाश डाला। उन्होंने पशुओं को संतुलित आहार देने और समय-समय पर टीकाकरण कराने की सलाह दी। साथ ही पशुपालन विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी भी किसानों को दी गई।

जिला कृषि अधिकारी कपिल कुमार ने मृदा स्वास्थ्य सुधारने के लिए हरी खाद के रूप में ढैंचा की बुवाई करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इससे मिट्टी में जीवांश कार्बन की मात्रा बढ़ेगी और भूमि की उर्वरा शक्ति में सुधार होगा। जिला उद्यान अधिकारी गमपाल सिंह ने उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं उनके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (नेडा) के प्रतिनिधि आर.बी. वर्मा ने किसानों को 90 प्रतिशत अनुदान पर सोलर पंप स्थापित कराने की योजना की जानकारी देते हुए इसका लाभ उठाने का आह्वान किया। इफ्को के क्षेत्रीय प्रबंधक गुंजन विश्वकर्मा ने किसानों को नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग के बारे में बताते हुए कहा कि इनके प्रयोग से कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।

उप कृषि निदेशक संदीप पाल ने बताया कि जनपद में कार्बन क्रेडिट योजना के माध्यम से किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने किसानों से फार्मर आईडी अनिवार्य रूप से बनवाने की अपील करते हुए कहा कि भविष्य में फार्मर आईडी के बिना सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है।

उन्होंने यह भी बताया कि जनपद के सभी कृषि निवेश केंद्रों पर उड़द, मूंग, अरहर, ज्वार, बाजरा, कोदो, रागी (मड़वा) तथा सांवा आदि फसलों के मिनीकिट निःशुल्क उपलब्ध हैं, जिन्हें 'दर्शन' पोर्टल पर पंजीकरण के बाद प्राप्त किया जा सकता है।

कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन, उप कृषि निदेशक संदीप पाल, जिला कृषि अधिकारी कपिल कुमार, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. वीरेन्द्र वर्मा, जिला गन्ना अधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह, नेडा के आर.बी. वर्मा, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एम.पी. सिंह, जिला उद्यान अधिकारी गमपाल सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं लगभग 50 किसान उपस्थित रहे।

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