पटना , फरवरी 07 -- बिहार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने शनिवार को कहा कि किसानों, उद्यमियों और युवाओं को बागवानी से जुड़ी नवीनतम तकनीकों, उन्नत पौध सामग्री तथा फल-सब्ज़ी उत्पादन, प्रसंस्करण, संरक्षण और विपणन की आधुनिक प्रणालियों से अवगत कराने के उद्देश्य से बागवानी महोत्सव आयोजित किया जा रहा है।

कृषि मंत्री श्री यादव ने आज बताया कि गांधी मैदान, पटना में आयोजित बागवानी महोत्सव के दूसरे दिन किसानों, उद्यमियों, युवाओं एवं आम नागरिकों ने बड़ी संख्या में बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई। उन्होंने कहा कि महोत्सव का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर फसल विविधिकरण एवं बागवानी आधारित कृषि की ओर प्रेरित करना है, जिसमें आधुनिक तकनीक, नवाचार और बाजार से जुड़ी जानकारियाँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मंत्री ने बताया कि आज के कार्यक्रम में किसानों के लिए विशेष तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें देश के प्रतिष्ठित कृषि वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि "फसल विविधिकरण: पारंपरिक खेती बनाम बागवानी फसलें" विषय पर डॉ राजेंद्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के वैज्ञानिक डॉ नीरज ने विस्तार से जानकारी दी। वहीं विदेशी फसलों की उत्पादन तकनीक एवं संरक्षित खेती पर बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, भागलपुर के वैज्ञानिकों तथा माँ एग्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड के विशेषज्ञों श्रीमती संगीता, श्री एस के सिंह एवं श्री दिलीप महाराज ने मार्गदर्शन किया।

श्री यादव ने बताया कि मखाना के प्रसंस्करण एवं विपणन पर भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. अनिल कुमार, औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती पर सी आई एम ए पी , लखनऊ के वैज्ञानिक डॉ राकेश कुमार तथा प्याज की वैज्ञानिक खेती पर बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के वैज्ञानिक डॉ एम डी ओझा ने उपयोगी जानकारियाँ दीं। इसके अतिरिक्त "पर ड्रॉप मोर क्रॉप" योजना अंतर्गत सूक्ष्म सिंचाई के लाभों पर श्री अवनीश कुमार भी चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिकों एवं उद्यान विभाग के पदाधिकारियों के साथ किसानों का संवाद, चित्रकला प्रतियोगिता, क्विज एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिससे महोत्सव और अधिक जीवंत बन गया।

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