फरीदकोट , जुलाई 21 -- संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) ने मंगलवार को राष्ट्रीय संयोजक जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में फरीदकोट में रेल रोककर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान संगठन ने भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते के विरोध में दिल्ली जा रहे किसानों को हरियाणा सीमा पर रोकने और उनकी गिरफ्तारी का विरोध करते हुए उन्हें तत्काल रिहा करने की मांग की। साथ ही, पेपर लीक के विरोध में अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में भी आवाज उठायी गयी।

प्रदर्शन के दौरान जगजीत सिंह डल्लेवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार किसानों को शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली जाकर अपनी बात रखने से रोक रही है, जो संविधान द्वारा दिये गये नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौता किसानों के हितों के खिलाफ है और इसे रद्द कराया जाना चाहिए।

श्री डल्लेवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र और हरियाणा सरकार ने किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की और किसान नेताओं को गिरफ्तार किया। उन्होंने कहा कि सरकार संवाद के बजाय दमन की नीति अपना रही है। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ-साथ देश के युवाओं के भविष्य के साथ भी बार-बार पेपर लीक की घटनाओं के जरिए खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने पेपर लीक के विरोध में अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में केंद्र सरकार से उनकी मांगों पर बातचीत करने और उचित समाधान निकालने की अपील की।

श्री डल्लेवाल ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों और अन्य वर्गों की लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार देता है और सरकार को इस अधिकार का सम्मान करना चाहिए। एसकेएम (गैर-राजनीतिक) ने केंद्र सरकार से गिरफ्तार किसानों को तुरंत रिहा करने, उन्हें दिल्ली जाकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति देने तथा किसानों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर संवाद शुरू करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान संगठन ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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