कानपुर , अप्रैल 01 -- कानपुर जिले में गेहूं खरीद व्यवस्था को सुचारू, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सरसैयाघाट स्थित नवीन सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में एडीएम (आपूर्ति), डिप्टी आरएमओ, एआर कॉपरेटिव सहित विभिन्न क्रय एजेंसियों के जिला प्रबंधक और सभी गेहूं क्रय केंद्रों के प्रभारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि गेहूं क्रय केंद्रों पर किसानों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। सभी केंद्रों पर छायादार स्थल, स्वच्छ पेयजल और आवश्यक मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने बताया कि जनपद में 63 गेहूं क्रय केंद्र संचालित हैं, जहां न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद की जा रही है। उन्होंने निर्देश दिया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और बिचौलिया मुक्त सुनिश्चित की जाए। किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि उन्हें लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े। किसानों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार या शोषण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से केंद्रों पर उपस्थित रहें और यदि किसी कारणवश केंद्र छोड़ना पड़े तो मूवमेंट रजिस्टर में प्रविष्टि अवश्य करें। डीएम ने कहा कि वे स्वयं भी औचक निरीक्षण करेंगे और लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि किसान कठिन परिस्थितियों में मेहनत कर फसल तैयार करते हैं, इसलिए प्रशासन का दायित्व है कि उनकी उपज की खरीद सरल, पारदर्शी और सम्मानजनक वातावरण में सुनिश्चित की जाए। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी एवं क्रय एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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