धार , जून 17 -- मध्यप्रदेश के धार जिले में व्याप्त भ्रष्टाचार, प्रशासनिक अनियमितताओं और किसानों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं को लेकर कलेक्टर कार्यालय धार के सामने कांग्रेस के जिला पंचायत सदस्यों द्वारा शुरू की गई भूख हड़ताल और आमरण अनशन बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा।
आंदोलन के दूसरे दिन आंदोलनकारियों को समर्थन देने के लिए पूर्व विधायक पाचीलाल मेडा और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष व वर्तमान सदस्य मनोजसिंह गौतम सहित कई वरिष्ठ नेता धरना स्थल पर पहुंचे और मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की बात रखी।
जिला पंचायत सदस्य मनोजसिंह गौतम ने बताया कि जिले की जनता और किसान लंबे समय से परेशान हैं। इस आंदोलन के माध्यम से प्रशासन के सामने निम्नलिखित मांगें रखी गई। फोरलेन से डूबे खेत, स्थायी निकासी की मांग: बदनावर सहित जिले की अन्य विधानसभाओं में फोरलेन हाईवे निर्माण के कारण खेतों में पानी भरने से फसलें पूरी तरह बर्बाद हो रही हैं। इसके स्थायी निराकरण के लिए जल निकासी का प्रबंध किया जाए। किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराई जाए, घोड़ारोज (नीलगाय) की समस्या से मुक्ति दिलाई जाए और फसल बीमा राशि का तुरंत भुगतान हो।
आदिवासियों की जमीनों का जबरन अधिग्रहण तुरंत रोका जाए और वन अधिकार पट्टों का वितरण पुनः शुरू किया जाए।
उन्होंने कहा कि जिले में चल रहे शासकीय कार्यों में गुणवत्ताविहीन निर्माण की उच्च स्तरीय जांच हो और गांव-गांव में बिकने वाली अवैध शराब पर पूर्ण पाबंदी लगाई जाए। कलेक्टर कार्यालय के बाहर चल रहे इस आमरण अनशन में मुख्य रूप से जिला पंचायत सदस्य अशोक डावर, शंकर चौहान, निर्देश सोनगरा, अजीतपालसिंह चौहान और करण भूरिया डटे हुए हैं।
इस दौरान आंदोलन को मजबूती देने के लिए पूर्व प्रदेश युवा कांग्रेस महासचिव चेतनसिंह राठौर, जिला कांग्रेस प्रवक्ता अशोक सोलंकी, रत्नेश जांगड़े, राजेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब तक किसानों और क्षेत्र की जनता की इन जायज मांगों का स्थायी निराकरण नहीं होता, तब तक यह आंदोलन थमेगा नहीं।
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