हनुमानगढ़ , जून 15 -- राजस्थान में केंद्र सरकार की नयी डीजल बिक्री नीति ने पेट्रोल पंप संचालकों और किसानों को चिंता में डाल दिया है। हनुमानगढ़ में पेट्रोलियम डीलरों ने इस नीति के व्यावहारिक पहलुओं पर आपत्ति जताते हुए सोमवार को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है और पेट्राेलियम विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) अनुमोदित कंटेनर की अनिवार्यता हटाने की मांग की है। डीलरों ने कहा है कि अन्यथा 22 जून को जिले के सभी पेट्रोल पंप सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक बंद रखकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
पेट्रोलियम डीलरों के अनुसार 11 जून को जारी केंद्र सरकार की अधिसूचना के अनुसार अब किसी भी ग्राहक या वाहन को एक दिन में 200 लीटर से अधिक डीजल नहीं बेचा जा सकेगा। 200 लीटर से ज्यादा मात्रा में डीजल लेने के लिए पीईएसओ से अनुमोदित विशेष कंटेनर अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार का उद्देश्य अवैध भंडारण, मिलावट और काला बाजारी पर रोक लगाना है।
डीलर्स एसोसिएशन ने कहा है कि वह भी इसका समर्थन करती है, हनुमानगढ़ जैसे कृषि क्षेत्र में यह नीति किसानों के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर रही है। यहां के किसान ट्रैक्टर, जनरेटर, पंप सेट और अन्य कृषि मशीनरी के लिए एक बार में बड़ी मात्रा में डीजल खरीदते हैं। कई खेत पेट्रोल पंपों से 10-15 किलोमीटर दूर हैं। रोज-रोज 200 लीटर की सीमा के कारण किसानों को बार-बार पंप पर आना पड़ेगा, जो समय, ईंधन और मेहनत दोनों की बर्बादी है।
हनुमानगढ़ पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष परसराम भांभू, सचिव विपुल धमीजा और कोषाध्यक्ष विनीत गणेशगढ़िया और अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि नीति का मकसद भले ही अच्छा हो, लेकिन पीईएसओ कंटेनर की अनिवार्यता पूरी तरह अव्यावहारिक है। ये कंटेनर बाजार में आसानी से उपलब्ध नहीं हैं और उनकी कीमत आम किसानों एवं छोटे उपभोक्ताओं की पहुंच से बाहर है। इससे न सिर्फ किसान बल्कि सरकारी विभाग, जनरेटर संचालक और अन्य बड़े उपभोक्ता भी परेशान होंगे।
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