उदयपुर , मई 26 -- अखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक पेमाराम ने कहा है कि मोदी सरकार ने कृषि उत्पादों को भी अमेरिका से आयात करने का निर्णय करके देश के किसानों के हितों के साथ कुठाराघात किया है।

श्री पेमाराम ने मंगलवार को राजस्थान में उदयपुर में पन्द्रहवें जिला सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए गुजराती समाज धर्मशाला में कहा कि कहा कि हमारा नारा है,' खेती किसकी, जो जाेते उसकी' लेकिन मोदी सरकार किसानों को भी उद्योगपतियों के हाथों गिरवी रखकर किसानों को बर्बाद करने का अभियान चलाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण देश में हर रोज 2000 किसान खेती छोड़ रहे हैं।

श्री पेमाराम ने कहा कि अच्छे दिनों का नाम लेकर सत्ता में आयी मोदी सरकार ने हमारे देश की रीति नीति को त्यागकर अमेरिका के जूनियर पार्टनर की तरह व्यवहार करना शुरू कर दिया है। एक ओर चुनिंदा लोगों की संपत्ति बढ़ रही है तो दूसरी ओर उनकाे ऋण देने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक विशाल डूबत कर्ज तले दबे हुए हैं, वहीं कर्ज नहीं चुका पाने के कारण देश का अन्नदाता किसान आत्महत्या कर रहा है, लेकिन उद्योगपतियों को कई लाख करोड़ रुपये की छूट है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों से वायदा किया था कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार उत्पादन लागत का 50 प्रतिशत अतिरिक्त दिया जायेगा, मनरेगा के तहत रोजगार के अवसरों का विस्तार किया जायेगा, लेकिन सच्चाई इसके विपरीत है। मनरेगा में लोगों को समय पर पूरा भुगतान नहीं होता और अब जी वीबी जीराम जी योजना लायी गयी है।

इस अवसर पर समाजवादी नेता अर्जुन देथा ने कहा कि देश में अब ऐसी हालत है कि हमें देश को बचाने के लिए दूसरी आजादी की लड़ाई को लड़ना होगा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अब राजा रजवाड़ों का राज लाना चाहती है, इसलिए उन्हें टिकट देकर लोकसभा और विधानसभा में भेजती है, अब किसानों को यह सोचना होगा कि उन्हें राजा रजवाड़ों को राज चाहिए या संविधान का राज।

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