नयी दिल्ली , फरवरी 10 -- समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि किसानों की आय दोगुनी करने जैसी बड़ी-बड़ी बातें करने वाली मोदी सरकार ने अमेरिका को देश में कृषि उत्पाद बेचने की खुली छूट दे दी है।

श्री यादव ने लोक सभा में बजट 2026-27 पर सामान्य चर्चा में शामिल होते हुए मंगलवार को कहा कि बजट आने से पहले और बजट आने के बाद पूरे देश में बहस चल रही थी कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौता होने वाला है। उन्होंने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि कितने देश बचे हैं, जहां मुक्त व्यापार समझौता नहीं हुआ है। जो लोग रुपये के बारे में बहुत चिंता करते थे, लेकिन व्यापार समझौते के बाद रुपया कितना नीचे पहुंचा यह भी तो देख लें। अमेरिका के साथ 'डील नहीं ढील' हुयी है। सरकार को बताना चाहिए कि डील का दस्तावेज पहले बना या बजट।

उन्होंने कहा कि सरकार के स्वदेशी, आत्मनिर्भर शब्द अच्छे लगते हैं, लेकिन अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के बाद इन शब्दों के मतलब बदल गया है। उन्होंने कहा कि पांच सौ अरब का एकतरफा व्यापार खोल दिया गया, तो हमारी आत्मनिर्भरता कहां जायेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा का समझौता यह है कि 18 और शून्य बराबर है। भाजपा के पास सिर्फ खोखली बातों के अलावा कुछ नहीं है। यह बजट दिशाहीन है।

सपा नेता ने कहा, " हमें सरकार से पहले ही उम्मीद नहीं थी तो उसके बजट से क्या उम्मीद है। इस सरकार ने गरीब और महिला की बात करना ही छोड़ दिया है। हमारे लोगों की प्रति व्यक्ति आय नहीं बढ पा रही है। सरकार को यह अवश्य बताना चाहिए कि जो लोग मुफ्त अनाज ले रहे हैं उनकी प्रति व्यक्ति क्या आय है। "उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार में कोई खास योजना नहीं आयी है, जिससे लोगों को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि जो लोग भ्रष्टाचार पर बडी बड़ी बात करते हैं, उन्हें देखना चाहिए कि उनके समय में किस प्रकार की सड़कों को बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती थी, लेकिन आज किसान कहां खड़ा है। अमेरिका के साथ समझौते के बाद भारत के किसानों का क्या हाल होगा। वह अपनी फसल किस प्रकार बेच पायेगा। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी मिलनी चाहिए, वह अभी तक नहीं मिल पायी है।

श्री यादव ने कहा कि जहां फसल की कीमत नहीं मिल पा रही है, वहीं सोने का भाव कहां तक पहुंच गया है। यही सरकार चलती रही तो लोहे पर पीतल चढ़ाकर भी किसान अपनी पुत्री को विदा नहीं कर पायेगा। भाजपा किसानों को लाभ नहीं पहुंचाना चाहती है, वह कुछ अदृश्य लोगों को लाभ पहुंचाना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की चिंता होती, तो उन्हें समय पर खाद-बीज मिल जाते। सरकार ने किसानों को उनके हाल पर छोड़ दिया है।

श्री यादव ने कहा कि महंगाई इतनी बढ़ने पर भी कर में छूट नहीं दी गयी है। मध्यम वर्ग खुद को ठगा महसूस कर रहा है। इस बजट में सामाजिक सुरक्षा की बात सिर्फ शब्दों में रह गयी है। भाजपा का बजट पांच प्रतिशत लोगों के लिए होता है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य को लेकर जो ठोस कदम सरकार को उठाना चाहिए था, वह नहीं कर पा रही है। सरकार प्रचार में बहुत आगे है। हर जिले में एक अस्पताल की बात करते हैं लेकिन अस्पतालों में उपचार सुविधा नहीं है, दवाई नहीं है। उन्होंने कहा कि वाराणसी के मणिकर्णिका घाट सदियों से हमारी सनातन पहचान रही है, वहां पर देवी अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति बुल्डोजर से तोड़ दी गयी और सौ से अधिक मंदिरों को तोड़ने का काम किया गया है।

उन्होंने कहा कि पिछले 11 साल से मां गंगा ने किसी को बुलाया ही नहीं है। गंगा आज किस हालत में है, यह सरकार को देखना चाहिए। यमुना के बारे में कहा जाता था कि दुनिया का सबसे अच्छा रिवर फ्रंट बनायेंगे, लेकिन यमुना की आज हालत क्या है।

सपा नेता ने कहा कि विश्वविद्यालय और कालेजों में जिस प्रकार की नियुक्तियां हो रही है, आरक्षण के साथ खिलवाड़ हो रहा है। विकसित भारत तभी विकसित माना जायेगा जब सभी को उनका हक मिलेगा। उन्होंने कहा कि पिछड़ों, दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों को छोड़कर विकसित भारत नहीं बन पायेगा। इस बजट से सामाजिक और आर्थिक गैर बराबरी दूर नहीं हो रही है।

उन्होंने कहा कि लोग काशी को क्योटो बनते नहीं देख पाये। सरकार वाराणसी की विरासत को मिटा रही है। वाराणसी के दालमंडी इलाके से वोट नहीं मिल पाती है, इसलिए उसे इलाके को तोड़ा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इंदौर में दूषित पानी पीने से कितने लोगों की जान चली गयी है। देश का कोई शहर नहीं हैं, जहां कूड़े का ढेर न हो।

श्री यादव ने कहा कि चीन हमारी जमीन और बाजार पर नजर रखे हुये है, इसलिए सरकार को गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए। सरकार बेरोजगारी दूर करने की बात करती रही लेकिन बेरोजगारी जस की तस है। सरकार मनरेगा के स्थान पर वीबी जीराम जी योजना लेकर आ गयी। इससे उत्तर प्रदेश जैसे राज्य को क्या फायदा मिलेगा? यह स्कीम कैसे चलेगी, जिसकी 40 प्रतिशत राशि का बाेझ राज्य सरकार पर कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौता के बाद हमारा रुपया कहां होगा, यह सरकार को अवश्य बताना चाहिए। सरकार उद्योगपतियों के साथ खड़ी है। वह जो श्रम कानून लेकर आयी है, वे मजदूरों के पक्ष में नहीं है।

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