हैदराबाद , अप्रैल 23 -- तेलंगाना में केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने गुरुवार को सड़क परिवहन निगम (आरटीसी) के कर्मचारियों की हड़ताल और एक जांच पैनल की रिपोर्ट सहित कई मुद्दों को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोला।
श्री किशन रेड्डी ने नल्लाकुंटा फीवर अस्पताल में ईसीजी मशीनों और अन्य चिकित्सा उपकरणों को वितरित करने के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत में राज्य सरकार द्वारा भ्रष्टाचार की जांच के लिए गठित पीसी घोष समिति की रिपोर्ट को अमान्य और गैर-कानूनी करार दिया।
उन्होंने उच्च न्यायालय की टिप्पणी को कि समिति ने स्थापित मानदंडों के अनुसार काम नहीं किया, मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के साथ-साथ कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लिए भी एक बड़ा झटका बताया।
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस की चुनावी वादों को पूरा करने में विफलता के लिए भी आलोचना की, विशेष रूप से उस दावे के लिए जिसमें उसने कहा था कि वह पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के पिछले शासन के दौरान कालेश्वरम परियोजना में गबन किए गए एक लाख करोड़ रुपये की वसूली करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग दो वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
श्री किशन रेड्डी ने कांग्रेस और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) दोनों पर तेलंगाना की जनता को गुमराह करने के लिए आपस में मिलीभगत होने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि इस तरह का राजनीतिक आचरण जनता के विश्वास को कम कर रहा है और उन्होंने इस मामले में ईमानदारी से कार्रवाई करने की मांग की।
उन्होंने तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीजीएसआरटीसी) के कर्मचारियों की चल रही हड़ताल को सरकार की विफलता बताया और कहा कि कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी के रूप में समायोजित करने के अधूरे वादों के कारण आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ा है।
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