बैतूल , जून 22 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले की सारणी पुलिस ने फर्जी स्टाम्प और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए बोलेरो वाहन की धोखाधड़ीपूर्वक बिक्री करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर वाहन एवं फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं। आरोपियों ने किराये पर ली गई बोलेरो को खुद का बताकर ढाई लाख रुपये में बेच दिया था।

पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस सूत्रों के अनुसार फरियादी दीपक नागवंशी (30), निवासी ग्राम कतिया कोयलारी, थाना रानीपुर ने 20 जून को थाना सारणी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसने अपनी बोलेरो वाहन को दो अगस्त 2025 को 500 रुपये के ई-स्टाम्प पर तैयार किरायानामे के आधार पर तीन माह के लिए विक्की बारपेटे निवासी पाथाखेड़ा को 20 हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर दिया था।

बाद में फरियादी को जानकारी मिली कि आरोपी विक्की बारपेटे ने 100 रुपये के स्टाम्प पर उसके फर्जी हस्ताक्षर कर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और वाहन को अपना बताकर निर्मल मंडल निवासी धरमपुर, थाना चोपना के नाम 2.50 लाख रुपये में बेच दिया। मामले की शिकायत पर थाना सारणी में अपराध दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण कायम कर विवेचना शुरू की गई।

पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे तथा एसडीओपी सारणी प्रियंका करचाम के मार्गदर्शन में गठित टीम ने मामले की जांच करते हुए साक्ष्य जुटाए और सोमवार को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों में विक्की पिता देवराव बारपेटे (30) निवासी सुभाष नगर पाथाखेड़ा, दिवाकर पिता राजेश यादव (25) निवासी गणेश चौक शोभापुर तथा निर्मल मंडल पिता कनक मंडल (38) निवासी धरमपुर थाना चोपना शामिल हैं।

पुलिस ने आरोपी निर्मल मंडल के कब्जे से विवादित बोलेरो वाहन तथा फर्जी स्टाम्प और कूटरचित दस्तावेज जब्त किए हैं। विवेचना के दौरान प्रकरण में बीएनएस की धारा 336(3) और 338 की भी बढ़ोतरी की गई है। गिरफ्तार आरोपियों को सोमवार को न्यायालय में पेश किया गया।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक जयपाल इनवाती, उपनिरीक्षक सुनील गौर, प्रधान आरक्षक श्रीराम उईके, आरक्षक सुभाष मंडलोई, महेश भलावी, आनंद कसोटिया तथा साइबर सेल के दीपेन्द्र सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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