नयी दिल्ली , जून 9 -- कौशल की कमी को दूर करने और विश्वसनीयता व पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में एक नए स्टार्टअप 'भारत स्किल एक्सचेंज' मंच का औपचारिक शुभारंभ किया गया।

यह एक पारदर्शी तंत्र के जरिए सीखनेवालों, प्रशिक्षण संस्थानों और प्रायोजकों को एक साथ जोड़ने का काम करता है।

इस उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने इस अनूठी पहल की सराहना की। श्री चौधरी ने कहा, "हमारे देश के कुशल युवाओं में स्वाभाविक भूख और आगे बढ़ने की महत्वाकांक्षा है। अब लोगों में यह समझ भी बढ़ रही है कि केवल शैक्षणिक योग्यता और वास्तविक कौशल एक ही चीज नहीं हैं। सिर्फ डिग्री या योग्यता होने से आपको नौकरी या बेहतर अवसर नहीं मिल सकता, उसके लिए हुनर का होना जरूरी है।"इस मंच की संस्थापकों और प्रमोटर्स में शामिल सेवानिवृत्त भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी डॉ. किरण बेदी ने युवाओं के कौशल विकास पर जोर देते हुए कहा कि देश में हुनरमंदों की कमी एक बड़ी समस्या है, और "आइए हम सब मिलकर इस समस्या का समाधान बनें।"डॉ. बेदी ने इस नई व्यवस्था की कार्यप्रणाली के बारे में बताते हुए कहा कि इसमें मिलने वाला वित्तीय योगदान सुरक्षित रूप से एक तीसरे पक्ष के खाते में रखा जाता है। प्रशिक्षण की प्रगति पर वास्तविक समय में नजर रखी जाती है, और फंड तभी जारी किए जाते हैं जब सत्यापित लक्ष्य पूरे हो जाते हैं।

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