हैदराबाद , जून 07 -- न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए किम्स हॉस्पिटल्स के सिकंदराबाद स्थित केंद्र में 10,000 से अधिक ब्रेन ट्यूमर सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की जा चुकी हैं। किम्स ने रविवार को यह घोषणा की ।

विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस के अवसर पर अस्पताल ने जटिल न्यूरोसर्जिकल प्रक्रियाओं में अधिक सटीकता सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक रोबोटिक डिजिटल माइक्रोस्कोप का भी अनावरण किया। इस अवसर पर किम्स हॉस्पिटल्स के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. बी. भास्कर राव ने कहा कि नयी रोबोटिक तकनीक जटिल मस्तिष्क और रीढ़ की सर्जरी में सटीकता को काफी बढ़ाएगी। इससे सर्जनों को स्वस्थ ऊतकों और ट्यूमर के बीच बेहतर अंतर करने में मदद मिलेगी, जिससे मरीजों की सुरक्षा बढ़ेगी और उनकी रिकवरी भी तेजी से होगी।

उन्होंने बताया कि किम्स में गामा नाइफ रेडियोसर्जरी सहित कई अत्याधुनिक उपचार सुविधाएं उपलब्ध हैं। डॉ. राव ने युवाओं की बदलती जीवनशैली पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि स्मार्टफोन, लैपटॉप और तेज आवाज में ईयरफोन के अत्यधिक उपयोग के साथ-साथ शारीरिक गतिविधियों की कमी मस्तिष्क स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।

वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. मानस कुमार पाणिग्रही ने लोगों को लगातार बने रहने वाले सिरदर्द, विशेषकर सुबह के समय होने वाले गंभीर सिरदर्द को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यह ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि किम्स में की गई कुल ब्रेन ट्यूमर सर्जरी में लगभग 10 प्रतिशत मामले बच्चों के थे, जिससे यह धारणा गलत साबित होती है कि ब्रेन ट्यूमर केवल बुजुर्गों को प्रभावित करता है।

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