हनुमानगढ़ , फरवरी 27 -- राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के संगरिया स्थित कृषि विज्ञान केंद्र ग्रामोत्थान विद्यापीठ में शुक्रवार को राज्य सरकार के 'पंच गौरव' कार्यक्रम के तहत किन्नौ महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया।
उद्यान विभाग और जिला प्रशासन हनुमानगढ़ के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में जिले एवं आसपास के क्षेत्रों से करीब 550 किसान, प्रगतिशील बागवान, वैज्ञानिक, उद्यमी और विभागीय अधिकारी शामिल हुए।
कार्यक्रम में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ओ.पी. बिश्नोई ने कहा कि हनुमानगढ़ किन्नौ उत्पादन की दृष्टि से अपार संभावनाओं वाला क्षेत्र है। किसान वैज्ञानिक पद्धतियां, संतुलित पोषण प्रबंधन और आधुनिक सिंचाई तकनीक अपनाएं तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान बना सकते हैं। उन्होंने उद्यानिकी को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
तकनीकी सत्र कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। इसमें कृषि विशेषज्ञों ने किन्नौ उत्पादन से जुड़ी वैज्ञानिक जानकारिया दीं। डॉ. जितेंद्र सिंह बराड़ ने साइट्रस फसलों में मृदा परीक्षण और पोषक तत्व प्रबंधन पर चर्चा की, जबकि क्षेत्रीय फल अनुसंधान केंद्र अबोहर के डॉ. कृष्ण कुमार ने किन्नौ की किस्मों, रोग प्रबंधन और निर्यात संभावनाओं पर प्रकाश डाला। डॉ. बी.एस. यादव ने माइक्रो इरिगेशन और मल्चिंग जैसी जल प्रबंधन तकनीकों की जानकारी दी तथा डॉ. विनोद सहारण ने कटाई उपरांत प्रबंधन, ग्रेडिंग, पैकिंग और मूल्य संवर्धन के उपाय बताए। वहीं कृषि अधिकारी डॉ. साहबराम गोदारा ने उद्यान विभाग की योजनाओं एवं अनुदानों से किसानों को अवगत कराया।
महोत्सव में आयोजित फल एवं सब्जी प्रतियोगिता में किसानों ने उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद प्रदर्शित किये।
कार्यक्रम के अंत में प्रतियोगिताओं और उत्कृष्ट स्टॉल प्रदर्शन में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
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