वाराणसी , मई 10 -- उत्तर प्रदेश के वाराणसी में 500 बिस्तर के मल्टी सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सालय का निर्माण कार्य रविवार को पूर्व मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी द्वारा विधिवत भूमि पूजन एवं पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुआ।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर इस अस्पताल को अत्याधुनिक सुपर स्पेशियलिटी हेल्थ सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। 315.48 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास 28 अप्रैल को प्रधानमंत्री श्री मोदी के काशी आगमन पर किया गया था।

पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने बताया कि यह परियोजना केवल एक भवन निर्माण नहीं, बल्कि पूरे पूर्वांचल की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देने वाली पहल है। उन्होंने कहा कि वर्षों पुराने इस अस्पताल को आधुनिक तकनीक और विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं से लैस किया जाएगा, ताकि गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके।

उन्होंने बताया कि शिव प्रसाद गुप्त चिकित्सालय लंबे समय से पूर्वांचल के लाखों मरीजों के उपचार का प्रमुख केंद्र रहा है। लेकिन समय के साथ भवन जर्जर होते गए और आधुनिक सुविधाओं की आवश्यकता महसूस होने लगी। अब पुराने ढांचे को हटाकर यहां 315.48 करोड़ रुपये की लागत से नया आठ मंजिला सुपर स्पेशियलिटी भवन तैयार किया जाएगा। दो टावरों वाले इस विशाल परिसर में आधुनिक चिकित्सा तकनीक, अत्याधुनिक मशीनें और हाईटेक उपचार सुविधाएं उपलब्ध होंगी। आईसीयू, कैंसर, न्यूरो और हार्ट यूनिट जैसी सुविधाओं से लैस यह अस्पताल पूर्वांचल के लाखों मरीजों के लिए बड़ा स्वास्थ्य केंद्र बनेगा। यहां दिल, दिमाग और किडनी जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज मात्र एक रुपये में उपलब्ध होगा।

इस आठ मंजिला हाईटेक अस्पताल में आईसीयू बेड और आधुनिक लैब होंगी, जिससे बीएचयू पर मरीजों का बोझ कम होगा और पूर्वांचल को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।

वर्तमान में 300 बिस्तर वाले इस अस्पताल को विस्तार देकर 500 बिस्तर क्षमता का बनाया जाएगा। अस्पताल में मरीजों के लिए बेहतर वार्ड, इमरजेंसी यूनिट और आधुनिक ऑपरेशन थिएटर विकसित किए जाएंगे। गंभीर मरीजों के इलाज के लिए 50 से अधिक आईसीयू बेड और 100 से ज्यादा एचडीयू बेड की व्यवस्था रहेगी। नई परियोजना के तहत हृदय रोग, कैंसर और न्यूरो से संबंधित बीमारियों के इलाज के लिए विशेष यूनिट बनाई जाएंगी। इसके अलावा किडनी रोगियों के लिए 20 बेड का आधुनिक डायलिसिस सेंटर, बच्चों के लिए समर्पित चाइल्ड यूनिट और निकट स्थित महिला अस्पताल में बच्चों के लिए अलग आईसीयू ब्लॉक बनाने की भी योजना है।

डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि यह अस्पताल न केवल वाराणसी, बल्कि पूरे पूर्वांचल, बिहार, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के करोड़ों लोगों के लिए वरदान साबित होगा।

अस्पताल की प्रमुख सुविधाओं में ओपीडी, आईपीडी, प्राइवेट वार्ड, प्रिजनर वार्ड, मोर्चरी, आइसोलेशन वार्ड, पैलिएटिव केयर वार्ड, लॉन्ड्री, किचन, कैफेटेरिया पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, ब्लड बैंक, स्किल्ड लैब, बर्न वार्ड (14 बेड), डे केयर (15 बेड), डायलिसिस (20 बेड), एनआरसी पोषण पुनर्वास केंद्र (30 बेड), 4 ऑपरेशन थिएटर 1 इमरजेंसी ओटी इसके अलावा सर्जरी, मेडिसिन, पीडियाट्रिक्स, ऑर्थो का ओपीडी/वार्ड रहेगा। फिजियोथेरेपी, फैमिली मेडिसिन, पीएसी, डेंटल, आयुष, जेरियाट्रिक मेडिसिन, न्यूट्रिशन, एनसीडी क्लिनिक, मानसिक रोग, डर्मेटोलॉजी आदि ओपीडी भी उपलब्ध रहेंगी।

सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं में कार्डियोलॉजी, एंजियोप्लास्टी, गैस्ट्रोलॉजी, यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स आदि शामिल होंगे।

डॉ. नीलकंठ तिवारी ने बताया कि अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन औसतन दो से तीन हजार मरीज पहुंचते हैं, जो कई दिनों में चार हजार तक पहुंच जाती है। वाराणसी के अलावा पूर्वांचल के कई जिलों और पड़ोसी राज्यों से भी मरीज यहां आते हैं। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद शिव प्रसाद गुप्त चिकित्सालय पूर्वांचल का सबसे आधुनिक सरकारी अस्पताल बनकर उभरेगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की दूरदर्शी सोच के कारण काशी में स्वास्थ्य सेवाओं का नया युग शुरू हो रहा है। अस्पताल के नए परिसर में 600 से अधिक वाहनों की पार्किंग व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे अस्पताल परिसर में अव्यवस्था कम होगी और मरीजों को राहत मिलेगी।

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