वाराणसी , सितंबर 11 -- लगातार बारिश के बावजूद इस वर्ष शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। शहर की जल निकासी और सीवरेज व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप मजबूत करने के लिए नगर निगम बड़े पैमाने पर ढांचागत सुधार करा रहा है।
नगर निगम के अनुसार, शहर में 200 से अधिक पुराने और जर्जर सीवरेज सिस्टम को दुरुस्त करने का कार्य तेजी से चल रहा है। इसके अलावा वाराणसी के 22 पुराने वार्डों में करीब दो हजार करोड़ रुपये की लागत से दशकों पुरानी सीवर और पेयजल पाइप लाइनों को बदलने का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है।
नगर निगम इस वर्ष हुई बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों और बारिश के पैटर्न का तकनीकी अध्ययन भी करा रहा है। विशेषज्ञों के परामर्श से जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कार्य किया जा रहा है। निगम का क्षेत्रफल 84 नए गांवों तथा रामनगर और सूजाबाद को शामिल किए जाने के बाद 84 से बढ़कर 186 वर्ग किलोमीटर हो गया है।
जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि जलभराव में सुधार के पीछे कई महीनों की तैयारी और प्रशासनिक सक्रियता है। महापौर अशोक कुमार तिवारी के नेतृत्व में फरवरी से ही नालों, सीवर लाइनों और गलीपिटों की सफाई का व्यापक अभियान चलाया गया। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल समेत वरिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से क्षेत्र का निरीक्षण कर रहे हैं।
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